अगर आप कॉलेज या यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर बनने का सपना देख रहे हैं तो आपको UGC NET, SET और PhD के बीच का अंतर पता होना चाहिए. कई छात्रों को लगता है कि ये तीनों एक जैसी चीजें हैं, जबकि ये तीनों एक दूसरे से अलग हैं. इनके दायरे और योग्यता भी अलग है. आसान शब्दों में कहें तो NET और SET प्रतियोगी पात्रता परीक्षाएं हैं जो आपको पढ़ाने का लाइसेंस देती हैं, वहीं PhD एक सर्वोच्च डिग्री (Degree) है जो आपको शोध यानी रिसर्च का स्पेशलिस्ट बनाती है. ऐसे में आइए समझते हैं कि इनमें क्या फर्क है और आपके करियर के लिए कौन-सा बेस्ट है.
1- UGC NET
इस परीक्षा का आयोजन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) साल में दो बार नेशनल लेवल पर करती है. इसे पास करने वाला कैंडिडेट देश भर के किसी भी कॉलेज या यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए आवेदन करने का योग्य बन जाता है.
JRF का ऑप्शनटॉप रैंक लाने वालों को जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF) मिलती है, जिसके तहत PhD करने के दौरान सरकार से हर महीने लगभग 37,000 से 42,000 तक की फेलोशिप मिलती है.
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2- SET या SLET
इस परीक्षा का आयोजन संबंधित राज्य की परीक्षा एजेंसियां करती हैं. बता दें कि यह परीक्षा भी असिस्टेंट प्रोफेसर बनने की पात्रता देती है, लेकिन इसे पास करने के बाद आप उसी राज्य के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में आवेदन कर सकते हैं. अगर आप किसी खास राज्य में ही नौकरी करना चाहते हैं, तो यह NET की तुलना में एक आसान और केंद्रित विकल्प है. एक और बात इसमें आम तौर पर JRF जैसी नेशनल लेवल की फेलोशिप नहीं मिलती.
3- PhD
यह कोई परीक्षा नहीं, बल्कि हायर एजुकेशन की एक सर्वोच्च रिसर्च डिग्री (Research Degree) है. इसमें मास्टर डिग्री के बाद किसी खास विषय पर 3 से 5 साल तक गहन शोध करना होता है.
पीएचडी करने के बाद यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर बनने, प्रमोशन पाने और सब्जेक्ट एक्सपर्ट बनने के लिए PhD सबसे मजबूत आधार है. UGC नियमों के अनुसार, यूनिवर्सिटी स्तर पर सीधे शिक्षण के लिए PhD को सबसे ज्यादा प्रायोरिटी दी जाती है.
क्या किसके लिए सही?
अगर आपका लक्ष्य पूरे देश में कहीं भी पढ़ाना है, तो UGC NET सबसे अच्छा ऑप्शन है. अगर आप सिर्फ अपने अपने राज्य के सरकारी व निजी कॉलेजों में पढ़ाना चाहते हैं, तो SET आपके लिए बेस्ट है. वहीं अगर आपका इंट्रेस्ट किसी सब्जेक्ट की गहराई में जाकर नई खोज और स्वतंत्र रिसर्च करने में है, तो आपको PhD की राह चुननी चाहिए.
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