तमिलनाडु सरकार की तरफ से राज्य में नर्सिंग एजुकेशन को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है. थलापति विजय की सरकार ने सरकारी नर्सिंग संस्थानों में सीटों की संख्या 796 से सीधे बढ़ाकर 1,651 करने का फैसला लिया है. इस फैसले के तहत ग्रेजुएट (UG) और पोस्ट ग्रेजुएट (PG) पाठ्यक्रमों में कुल 855 नई सीटें जोड़ी जाएंगी. इस फैसले का मुख्य मकसद राज्य के अस्पतालों को अच्छी नर्स मुहैया कराना और गरीब व मध्यम वर्ग के बच्चों को कम खर्च में नर्सिंग की पढ़ाई का मौका देना है.
सरकार कर रही तैयारी
तमिलनाडु सरकार का ये कदम उसकी उस योजना का हिस्सा है, जिसके तहत सरकारी मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों के साथ-साथ नर्सिंग और मेडिकल से जुड़े बाकी कोर्स को भी बेहतर बनाया जा रहा है. सरकारी विभाग ने इस योजना को हरी झंडी दे दी है. जैसे ही संबंधित बोर्ड से बाकी औपचारिक मंजूरियां मिल जाएंगी, नई सीटों पर दाखिले की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी.
किस कोर्स में कितनी सीटें बढ़ेंगी?
- बीएससी नर्सिंग (B.Sc Nursing): 660 नई सीटें
- पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग: 120 नई सीटें
- एमएससी नर्सिंग (M.Sc Nursing): 75 नई सीटें
इनमें से ज्यादातर नई सीटें 6 नए सरकारी मॉडल नर्सिंग कॉलेजों में मिलेंगी, जिन्हें खास तौर पर तैयार किया जा रहा है. हर कॉलेज को बनाने में लगभग 40 करोड़ रुपये का खर्च आ रहा है. इसके अलावा कोयंबटूर के सरकारी अस्पताल (ESI) में भी सीटें बढ़ेंगी.
छात्रों को क्या होगा फायदा?
तमिलनाडु सरकार के इस फैसले से उन छात्रों को सबसे ज्यादा राहत मिलेगी जो प्राइवेट कॉलेजों की भारी-भरकम फीस नहीं दे पाते हैं. सरकारी कॉलेज में साल की फीस करीब 60,000 रुपये है, जबकि प्राइवेट कॉलेजों में यही पढ़ाई 1.2 लाख तक हो जाती है. तमिलनाडु में हर साल लगभग 19,000 छात्र नर्सिंग पास करके अपना रजिस्ट्रेशन कराते हैं.
(इनपुट - IANS)
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