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Success Story:  TCS जॉब छोड़ आर्मी में पहले हवलदार फ‍िर अफसर बने, OTA से पाया स्वॉर्ड ऑफ ऑनर

तमिलनाडु के पी शशिकांत कुमार ने ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी (ओटीए) गया से पहला स्थान हासिल कर 'स्वॉर्ड ऑफ ऑनर' और गोल्ड मेडल अपने नाम किया. अब वह गोरखा राइफल्स में सैन्य अधिकारी बन गए हैं.

Success Story:  TCS जॉब छोड़ आर्मी में पहले हवलदार फ‍िर अफसर बने, OTA से पाया स्वॉर्ड ऑफ ऑनर
टीसीएस की नौकरी छोड़ बने हवलदार, अब ओटीए गया में मिला 'स्वॉर्ड ऑफ ऑनर'; जानें पी शशिकुमार की प्रेरणादायक कहानी
@PROdefprayagraj
  • तमिलनाडु के मदुरै जिले के पी शशिकुमार ने कॉर्पोरेट नौकरी छोड़कर भारतीय सेना में अफसर बनने का सपना पूरा किया
  • पिता सी पांडी आर्मी ऑर्डनेंस कॉर्प्स के नायब सूबेदार रहे, जिन्होंने शशिकुमार को देशसेवा की प्रेरणा दी
  • शशिकुमार ने टीसीएस में नौकरी के बावजूद सेना की वर्दी के लिए असम राइफल्स में हवलदार के पद पर भर्ती लिया

Success Story: "कौन कहता है कि आसमान में सुराख नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारों..." इस कहावत को सच कर दिखाया है तमिलनाडु के मदुरै जिले के रहने वाले पी शशिकुमार ने. एक साधारण सैनिक के घर जन्मे शशिकुमार ने कॉर्पोरेट जगत के आकर्षक करियर को छोड़कर भारतीय सेना में अफसर बनने तक का स्वर्णिम सफर तय किया है.

पिता की वर्दी से मिली देशसेवा की प्रेरणा

पी शशिकुमार के पिता सी पांडी भारतीय सेना के आर्मी ऑर्डनेंस कॉर्प्स में नायब सूबेदार के पद पर कार्यरत रहे हैं. बचपन से ही पिता की वर्दी और अनुशासन को देखकर शशिकुमार के मन में देशसेवा का जज्बा जागा. उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद बहुराष्ट्रीय कंपनी टीसीएस में नौकरी हासिल की, लेकिन उनका दिल हमेशा सेना की वर्दी के लिए ही धड़कता था. 

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सैनिक के बेटे का शानदार सफर: असम राइफल्स के हवलदार से गोरखा राइफल्स में अफसर बने पी शशिकुमार Photo Credit: @PROdefprayagraj

ऑफिसर्स ट्रेन‍िंग अकादमी में पास‍िंग आउट परेड 

PRO डिफेंस प्रयागराज के अनुसार पी शशिकुमार 5 स‍ितंबर 2026 को ब‍िहार के गया स्थित ऑफिसर्स ट्रेन‍िंग अकादमी से पास आउट हुए हैं. उनकी लगन और नेतृत्व क्षमता के बल पर उनका चयन ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी, गया के लिए हुआ. एकेडमी में अपने बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर वे उच्चतम कैडेट पद एकेडमी अंडर ऑफिसर तक पहुंचे. 

आईटी क्षेत्र की सुरक्षित नौकरी को अलविदा कहकर शशिकुमार असम राइफल्स में बतौर हवलदार भर्ती हुए. ट्रेनिंग के दौरान अपनी उत्कृष्ट क्षमता का परिचय देते हुए उन्होंने ओवरऑल बेस्ट रिक्रूट मेडल हासिल किया. इसके बाद उन्होंने मणिपुर के चुनौतीपूर्ण और उग्रवाद रोधी माहौल में ढाई साल तक अपनी सेवाएं दीं.

पासिंग आउट परेड में चमके शशिकुमार

ओटीए गया की पासिंग आउट परेड में परेड कमांडर के रूप में शशिकुमार ने नेतृत्व किया. उनके उत्कृष्ट ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए उन्हें सेना के सबसे प्रतिष्ठित सम्मान स्वॉर्ड ऑफ ऑनर से नवाजा गया. इसके साथ ही मेरिट लिस्ट में पहला स्थान हासिल करने के लिए उन्हें  गोल्ड मेडल भी प्रदान किया गया. आज पी शशिकुमार भारतीय सेना की प्रतिष्ठित गोरखा राइफल्स में बतौर सैन्य अधिकारी कमीशन हो चुके हैं.  



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