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कलेक्टर ने धनुष-बाण की पूजा करके लिखा- Back to My Roots, पिता कभी इन्हें बेचकर चलाते थे घर

केरल की आईएएस अधिकारी श्रीधन्या सुरेश ने धनुष-बाण की पूजा करते हुए अपनी तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की है. फोटो के साथ उन्होंने 'Back to My Roots' लिखा. इस तस्वीर ने उस संघर्ष की कहानी को फिर चर्चा में ला दिया, जब उनके माता-पिता धनुष-बाण बेचते और मनरेगा में मजदूरी कर बेटी की पढ़ाई का खर्च जुटाते थे.

कलेक्टर ने धनुष-बाण की पूजा करके लिखा- Back to My Roots, पिता कभी इन्हें बेचकर चलाते थे घर
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  • आईएएस अधिकारी श्रीधन्या सुरेश ने सोशल मीडिया पर धनुष-बाण की पूजा करते हुए अपनी सांस्कृतिक पहचान साझा की
  • श्रीधन्या के परिवार ने आर्थिक तंगी के दौरान धनुष-बाण बेचकर और मनरेगा मजदूरी करके उनका पालन-पोषण किया
  • उन्होंने सेंत जोसेफ कॉलेज से जूलॉजी में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद यूपीएससी की तैयारी शुरू की

भारतीय प्रशासन‍िक सेवा की आईएएस अध‍िकारी श्रीधन्या सुरेश ने सोशल मीडिया पर धनुष-बाण की पूजा करते हुए तस्वीर शेयर की है. तस्वीर के कैप्शन में उन्होंने लिखा, 'Back to My Roots'. धनुष-बाण उनकी सांस्कृतिक पहचान और केरल की कुरिचिया आदिवासी परंपरा का हिस्सा हैं. यही वजह है कि उनकी यह पोस्ट लोगों का ध्यान खींच रही है.

धनुष-बाण बेचकर और मजदूरी करके पढ़ाया

श्रीधन्या सुरेश केरल के वायनाड जिले के पोजुथाना गांव की रहने वाली हैं. उनका परिवार कुरिचिया आदिवासी समुदाय से आता है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उनके पिता सुरेश और मां कमला ने आर्थिक तंगी के बीच धनुष-बाण बेचकर और मनरेगा में मजदूरी करके परिवार चलाया. इसी संघर्ष के बीच उन्होंने बेटी की पढ़ाई जारी रखी. 

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sheedhanya suresh bow arrow worship back to my roots upsc success story  Photo Credit: sheedhanya suresh

दोस्तों ने जुटाए थे 40 हजार रुपये

सेंट जोसेफ कॉलेज, देवगिरी से जूलॉजी में स्नातक करने के बाद श्रीधन्या ने यूपीएससी की तैयारी की. मुख्य परीक्षा पास करने के बाद जब उन्हें इंटरव्यू के लिए दिल्ली जाना था, तब परिवार के पास पर्याप्त पैसे नहीं थे. यह जानकारी मिलने पर दोस्तों ने चंदा जुटाकर करीब 40 हजार रुपये इकट्ठे किए, जिससे वह दिल्ली पहुंच सकीं.

बनीं केरल की पहली आदिवासी महिला IAS

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2018 में श्रीधन्या सुरेश ने अखिल भारतीय स्तर पर 410वीं रैंक हासिल की थी. इसके साथ ही वह सिविल सेवा परीक्षा पास करने वाली केरल की पहली आदिवासी महिला बनीं. वर्तमान में वह केरल कैडर की 2019 बैच की आईएएस अधिकारी हैं.  आईएएस बनने के बाद श्रीधन्या सुरेश ने कोझीकोड में सहायक कलेक्टर के रूप में सेवाएं दीं। इसके बाद वे पेरिन्थालम्ना की सब कलेक्टर रहीं। उन्होंने केरल सरकार के पंजीकरण विभाग में महानिरीक्षक (आईजी) के रूप में भी काम किया। अब उन्हें कासरगोड जिले के कलेक्टर और जिला मजिस्ट्रेट की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

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