वेटनरी ऑफिसर्स की परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के मामले में IAS अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार को हिरासत में लिया गया है. ये एग्जाम कर्नाटक पब्लिक सर्विस कमीशन (KPSC) की ओर से आयोजित किया जाता है. ज्ञानेंद्र कुमार जब KPSC में परीक्षा नियंत्रक (Controller of Examinations) के पद पर थे, जब ये गड़बड़ियां हुईं थी. इस साल मार्च में उनकी जगह किसी और को इस के लिए नियुक्त किया गया था. 2016 बैच के इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस (IAS) अधिकारी गंगवार को शनिवार को लगातार दूसरे दिन पूछताछ के बाद हिरासत में लिया गया. पूछताछ के दौरान सहयोग नहीं करने के चलते उन्हें हिरासत में लिया गया है.
फिलहाल, वह कर्नाटक के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम, वाणिज्य और उद्योग विभाग में निदेशक के पद पर कार्यरत हैं. 19 जून 2026 से इस पद पर सेवा दे रहे हैं.
क्या है पूरा मामला
23 अगस्त को, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने KPSC की ओर से आयोजित एक परीक्षा में कथित गड़बड़ियों से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में बेंगलुरु और बरेली में उनके घरों पर भी छापेमारी की थी. आरोप है कि KPSC अधिकारियों ने पशुपालन विभाग के लिए पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती में अनियमितताएं कीं. मामला शुरू में विधान सौधा पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था, लेकिन 28 जुलाई को सीआईडी को स्थानांतरित कर दिया गया था.
IAS अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार ने UPSC में 314 रैंक हासिल की थी और ये 10 साल से सेवाएं दे रहे हैं. ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं. इन्होंने IIT कानपुर से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में पढ़ाई की थी. डिग्री पूरी करने के बाद इन्होंने UPSC एग्जाम की तैयारी शुरू की और इस एग्जाम में सफलता भी पाई. IAS बनने के बाद इन्होंने कई सारे पदों पर जैसे जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर, असिस्टेंट कमिश्नर और असिस्टेंट सेक्रेटरी जैसे पदों पर सेवाएं दी हैं. वहीं अब ये विवादों में घिर गए हैं.
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