दिल्ली विश्वविद्यालय में चुनावी बिगुल बज चुका है. साल 2026 के छात्र संघ चुनावों को लेकर हलचल तेज है. आज एबीवीपी डूसू के एक साल का कार्यकाल भी पूरा हुआ है. चुनाव प्रचार, हाई कोर्ट के नए नियम, सुरक्षा, पानी की किल्लत से लेकर NEET और मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों पर डूसू अध्यक्ष आर्यन मान और एबीवीपी प्रदेश मंत्री सार्थक शर्मा से खास बातचीत की. डूसू के बीते एक साल के कार्यकाल में छात्र हितों और सुरक्षा को लेकर कई बड़े दावे किए गए हैं. डूसू नेतृत्व के मुताबिक, इस साल कैंपस में छात्रों की सुविधाओं और मनोरंजन के लिए ठोस कदम उठाए गए.
- महिला सुरक्षा और कनेक्टिविटी पर फोकस किया गया. कैंपस में 1,000 से अधिक CCTV कैमरे लगाए गए. नॉर्थ कैंपस, साउथ कैंपस और कालकाजी में Pink Booths का उद्घाटन हुआ. यहां तक की यूथ स्पेशल बसें चलाई गई. सुदूर इलाकों और दिल्ली-l देहात से आने वाली छात्राओं के लिए सीधी बस सेवा के तहत U Special और 3 Campus Special बसें चलाई गईं.
- कॉलेजों में वाटर कूलर लगवाए गए और क्लोरीन व पानी की गुणवत्ता में सुधार कराया गया. DUCC टीम के साथ बैठक कर वाई फाई स्पीड को बेहतर किया गया.
- एक दिन की महिला डूसू अध्यक्ष पहल जिसमें मैथिली ठाकुर भी शामिल हुईं, मदारी ड्रामा शो और डांडिया नाइट जैसे आयोजन किया गया.
2026 के चुनावों में क्या धनबल और बाहुबल पर लगाम लगेगी? लिंगदोह कमेटी और हाई कोर्ट के सख्त निर्देशों के बाद इस बार चुनाव प्रचार का तरीका पूरी तरह बदलने वाला है. छात्र संघ ने केवल कैंपस ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर के मुद्दों और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी अपनी आवाज उठाई है.
NEET पेपर लीक मुद्दा
12 मई को पेपर लीक की खबर आते ही NTA दफ्तर पर प्रदर्शन करने वाला पहला संगठन ABVP था. संगठन की मांग पर CBI जांच और Re exam का रास्ता साफ हुआ.
IIT दिल्ली सुसाइड केस व पैलेट गन
IIT दिल्ली में पिछले दो सालों में हुए 8 आत्महत्या के मामलों पर स्वतंत्र जांच कमेटी की मांग की. साथ ही प्रदर्शनकारी छात्रों पर पैलेट गन चलाए जाने की घटना की कड़ी निंदा करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की.
मानसिक स्वास्थ्य
छात्रों के मानसिक तनाव से निपटने के लिए Nature Walks, Marathon, Khelo DU (स्क्रीन टाइम टू प्ले टाइम) और हर कॉलेज में Mental Health Counsellors की नियुक्ति की मांग उठाई गई.
आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए एबीवीपी ने फीस संरचना में सुधार को अपना मुख्य मुद्दा बनाया है. एक तरफ जहां डूसू अपने एक साल के काम का हिसाब दे रहा है, वहीं दूसरी तरफ 2026 के चुनावों को शांतिपूर्ण और पर्यावरण अनुकूल बनाने का दावा किया जा रहा है. देखना होगा कि दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र इन दावों पर कितनी मुहर लगाते हैं.
"5,000 रुपये के तय बजट में चुनाव लड़ेंगे"
डूसू, अध्यक्ष, आर्यन मान ने इस मामले पर कहा, "हम प्रोक्टोरियल टीम और पुलिस प्रशासन के साथ लगातार बैठकें कर रहे हैं. हाई कोर्ट और लिंगदोह कमेटी के नए नियमों का पालन होगा. इस बार न कागज के पर्चे उड़ेंगे, न पोस्टरों की जमावड़ा होगा और न गाड़ियों का काफिला निकलेगा. प्रत्याशी केवल 5,000 रुपये के तय बजट में चुनाव लड़ेंगे. बाहरी तत्वों की एंट्री रोकने के लिए चेकिंग और पीसीआर गश्त बढ़ाई जा रही है."
ABVP, प्रदेश मंत्री, सार्थक शर्मा ने चुनाव पर बात करते हुए कहा, 1 लाख रुपये से कम वार्षिक आय वाले परिवारों के छात्रों के लिए फीस माफी लागू की गई है. हमारी मुख्य मांग One Course, One PG Fee है, ताकि एक ही कोर्स के लिए कॉलेज और डिपार्टमेंट के बीच फीस का अंतर खत्म हो सके.
ये भी पढ़ें- स्कूलों में पढ़ा रहे टीचर्स के लिए CTET निकालना आसान या फिर TET? जानें पासिंग मार्क्स
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं