नोएडा के सेक्टर-21 स्थित बाल भारती पब्लिक स्कूल के एयर कंडीशनिंग सुविधा के नाम पर छात्रों से हर महीने 500 रुपये अतिरिक्त शुल्क लेने के फैसले पर विवाद खड़ा हो गया है. स्कूल ने 23 जून 2026 को जारी सर्कुलर में बताया कि 1 जुलाई से यह शुल्क लागू होगा. वहीं, अभिभावकों और ऑल नोएडा स्कूल पेरेंट्स एसोसिएशन (ANSPA) ने इसे उत्तर प्रदेश फीस रेगुलेशन व्यवस्था और जिला फीस नियामक समिति (DFRC) के नियमों के खिलाफ बताते हुए विरोध जताया है. स्कूल के अनुसार, अभिभावकों की मांग को देखते हुए कुल 78 कक्षाओं में से 24 कक्षाओं में एयर कंडीशनर लगाए गए हैं. इनमें बाल वाटिका-I, बाल वाटिका-II, बाल वाटिका-III के कई सेक्शन, कक्षा 8 का डी और ई सेक्शन, कक्षा 9 का ए सेक्शन, कक्षा 10 के सभी सेक्शन, कक्षा 11 का डी और कक्षा 12 का डी सेक्शन शामिल हैं.
इन कक्षाओं में पढ़ने वाले प्रत्येक छात्र से हर महीने 500 रुपये का एसी सुविधा शुल्क लिया जाएगा. स्कूल का कहना है कि यह राशि एसी की इंस्टॉलमेंट, बिजली, रखरखाव और मरम्मत पर होने वाले खर्च के लिए होगी.
दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले का दिया हवाला
स्कूल ने अपने सर्कुलर में दिल्ली हाईकोर्ट के मनीष गोयल बनाम दिल्ली सरकार एवं अन्य मामले में 2 मई 2024 को दिए गए फैसले का हवाला भी दिया. स्कूल का कहना है कि अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया था कि एसी जैसी अतिरिक्त सुविधाओं का खर्च केवल स्कूल प्रबंधन पर नहीं डाला जा सकता और अभिभावकों को भी इसका वहन करना होगा. स्कूल ने इसे लैब फीस और स्मार्ट क्लास शुल्क जैसी सुविधा बताया है.
सर्कुलर में परिवहन शुल्क को लेकर भी जानकारी दी गई है. स्कूल के मुताबिक सीएनजी की बढ़ती कीमतों के कारण परिवहन पर प्रति छात्र लगभग 162 रुपये प्रतिमाह अतिरिक्त खर्च आ रहा है. फिलहाल ट्रांसपोर्ट फीस नहीं बढ़ाई गई है और यह अतिरिक्त भार स्कूल खुद वहन कर रहा है. हालांकि, भविष्य में यदि सीएनजी की कीमतों में और वृद्धि होती है तो ट्रांसपोर्ट शुल्क में 100 रुपये प्रतिमाह तक की बढ़ोतरी की जा सकती है, जिसकी पूर्व सूचना अभिभावकों को दी जाएगी.
15 प्रतिशत फीस बढ़ाई
दूसरी ओर, अभिभावकों का कहना है कि स्कूल इस शैक्षणिक सत्र में पहले ही करीब 15 प्रतिशत फीस बढ़ा चुका है. अब बीच सत्र में हर महीने 500 रुपये का नया शुल्क लागू करना परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने जैसा है. ऑल नोएडा स्कूल पेरेंट्स एसोसिएशन (ANSPA) के अध्यक्ष यतेंद्र कसाना ने कहा कि निजी स्कूल लगातार मनमानी कर रहे हैं और उत्तर प्रदेश फीस रेगुलेशन के नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं.
उन्होंने कहा कि स्कूलों को फीस में किसी भी वृद्धि का पूरा विवरण नए प्रवेश सत्र से पहले अपनी वेबसाइट पर सार्वजनिक करना होता है. उनका कहना है कि किसी भी अतिरिक्त शुल्क या फीस वृद्धि से पहले नियमानुसार अनुमति लेना आवश्यक है, लेकिन कई स्कूल इसका पालन नहीं कर रहे हैं. साथ ही उन्होंने स्कूल पर यह आरोप भी लगाया है कि उन्हें यूनिफॉर्म और स्टेशनरी केवल स्कूल द्वारा निर्धारित दुकानों से खरीदने के लिए कहा जाता है, जहां सामान महंगा और गुणवत्ता में कमजोर होता है.
आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है
यतेंद्र कसाना ने बताया कि एसोसिएशन जिलाधिकारी से मुलाकात कर इस पूरे मामले को उनके सामने उठाना चाहती है. फिलहाल डीएम से मुलाकात नहीं हो सकी है, लेकिन जल्द समय लेकर अभिभावकों की समस्याओं और शिकायतों को उनके समक्ष रखा जाएगा. उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ती फीस से अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है और यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगी तो दूसरे स्कूल भी इसी तरह मनमाने तरीके से अतिरिक्त शुल्क वसूलना शुरू कर देंगे. इस मामले में स्कूल की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली.
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