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JEE की तर्ज पर NEET परीक्षा और OMR की जगह कंप्यूटर मोड, सरकार ने बताया क्या होंगे बदलाव

NEET Exam Pattern Change: नीट पेपर लीक के बाद से ही सरकार ने कई तरह के बदलाव शुरू कर दिए हैं. अब सुप्रीम कोर्ट में सरकार की तरफ से बताया गया है कि नीट को जेईई की तर्ज पर दो स्टेज में करवाने की तैयारी चल रही है. साथ ही सीबीटी मोड पर भी विचार किया जा रहा है.

JEE की तर्ज पर NEET परीक्षा और OMR की जगह कंप्यूटर मोड, सरकार ने बताया क्या होंगे बदलाव
NEET परीक्षा में हो सकते हैं ये बड़े बदलाव

NEET पेपर लीक और इसे लेकर मचे बवाल के बाद अब सरकार की तरफ से कई तरह के कदम उठाए जा रहे हैं. एंटी पेपर लीक कानून के बाद अब सरकार ने बताया है कि अगले साल से NEET-UG की परीक्षा को अब JEE के तर्ज पर आयोजित किया जा सकता है. यानी नीट की दो परीक्षाएं आयोजित हो सकती हैं, साथ ही पेन-पेपर मोड की बजाय परीक्षा कंप्यूटर बेस्ड करने पर भी विचार चल रहा है. ये जानकारी सरकार की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में दी गई है. 

कमेटी ने दिया सुझाव 

ISRO के पूर्व चेयरमैन की अगुवाई में बनी एक टीम ने परीक्षा को ज्यादा साफ-सुथरा और सुरक्षित बनाने के लिए कुछ सलाह दी हैं. इनमें कंप्यूटर पर परीक्षा (CBT) के अलावा जैसे JEE में पहले Main और फिर Advanced होता है, वैसे ही नीट में भी दो बार परीक्षा कराने का सुझाव है. सरकार ने कोर्ट में बताया है कि इन सुझावों को ध्यान से देखा जा रहा है और परीक्षा कराने वाली एजेंसी (NTA) में सुधार के लिए कदम उठाए जा रहे हैं. 

सरकार ने बताया री-नीट में क्या हुए बदलाव?

  • प्रश्नपत्रों के कई सेट अलग-अलग सुरक्षित स्थानों पर तैयार किए गए
  • प्रश्नपत्रों की पैकिंग में छह स्तर की छेड़छाड़-रोधी सुरक्षा व्यवस्था अपनाई गई 
  • QR कोड और आधार आधारित ट्रैकिंग से प्रश्नपत्र बॉक्स की निगरानी की गई 
  • 51,311 जैमर लगाए गए 
  • 1.38 लाख CCTV कैमरों से निगरानी की गई 
  • 87,000 कर्मचारियों को फ्रिस्किंग और बायोमेट्रिक जांच के लिए लगाया गया 

NTA में बड़ा फेरबदल

इससे पहले सरकार की तरफ से एनटीए में बड़ा फेरबदल कर करीब 45 से ज्यादा लोगों को एजेंसी से बाहर कर दिया गया था. साथ ही अब नई भर्तियां की जा रही हैं. कुल मिलाकर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी में युवा अधिकारियों और नए लोगों को नियुक्त किया जा रहा है. आगे परीक्षा और इसके पूरे प्रोसेस में किसी भी तरह की गड़बड़ी न हो, इसे लेकर बेहद सख्ती की गई है. 

CBT मोड पर भी सवाल

पेपर लीक की समस्या से बचने के लिए भले ही सरकार कंप्यूटर आधारित परीक्षा पर विचार कर रही है, लेकिन इसे लेकर कई एक्सपर्ट्स ने चिंता भी जताई है. उनका कहना है कि इस मोड में परीक्षा कराने का नुकसान सबसे ज्यादा उन छात्रों को होगा, जो दूर दराज के गांवों में पढ़ रहे हैं. उनके लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर के बिना ऐसा नहीं किया जाना चाहिए.  

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