NEET PG 2026: नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन्स इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) 30 अगस्त को नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) पोस्टग्रेजुएट (PG) 2026 आयोजित करने जा रहा है. मेडिकल बोर्ड ने उम्मीदवारों को सलाह दी है कि परीक्षा के दौरान किसी भी तकनीकी खराबी को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है. ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए बोर्ड ने उचित उपाय किए हैं, ताकि परीक्षा के लिए मिले समय का कोई नुकसान न हो. तो चलिए जानते हैं सिस्टम लॉक, स्क्रीन फ्लिकर या बिजली गुल होने की स्थिति में आपको क्या करना है...
बिजली गुल होने पर क्या होगानेशनल मेडिकल बोर्ड के अनुसार, उम्मीदवारों के लॉग इन करने के बाद परीक्षा के समय अगर कोई रुकावट, जैसे बिजली चली जाती है, तो आपका टाइमर रुक जाएगा और समस्या ठीक होने पर फिर से शुरू हो जाएगा.
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वहीं, अगर प्राइमरी सर्वर से कनेक्टिविटी टूटने के कारण परीक्षा के दौरान उम्मीदवार की मशीन लॉक हो जाती है, तो हर एग्जाम हॉल में मौजूद IT मैनेजर उम्मीदवार के अकाउंट को वेरिफाई करके अनलॉक करेगा और टाइमर वहीं से शुरू होगा, जहां उम्मीदवार ने छोड़ा था.
आपके सिस्टम में समस्याएंNBEMS के अनुसार, अगर कोई उम्मीदवार मशीन में किसी खास समस्या की शिकायत करता है, जैसे- स्क्रीन का झिलमिलाना, माउस की समस्या, सिस्टम का बार-बार लॉक या हैंग होना आदि, तो इनविजिलेटर को तुरंत इसके बारे में बताना चाहिए. मेडिकल बोर्ड ने आगे कहा कि समस्या की रिपोर्ट करने पर, IT मैनेजर या इनविजिलेटर मशीन को वेरिफाई करके लॉक कर देंगे. जरूरत पड़ने पर उम्मीदवार को परीक्षा के दौरान उनकी आवंटित सीट से उसी या किसी दूसरी लैब में बफर सीट पर शिफ्ट किया जा सकता है.
सुरक्षा के कड़े इंतजामआधिकारिक जानकारी के अनुसार, परीक्षा के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं. इनमें परीक्षा केंद्रों की पहले से सीलिंग और जांच, CCTV से निगरानी, बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन, उम्मीदवारों की तलाशी, सिग्नल जैमर लगाना, डायनामिक कंप्यूट, सेंट्रल और रीजनल कमांड सेंटरों से लाइव मॉनिटरिंग, और स्वतंत्र ऑब्जर्वर व मूल्यांकनकर्ताओं द्वारा रियल-टाइम निगरानी शामिल है.
एक शिफ्ट में होगा एग्जामआधिकारिक जानकारी के अनुसार, NEET PG 2026 के लिए कुल 2,73,183 उम्मीदवारों ने सफलतापूर्वक रजिस्ट्रेशन कराया है, जो पिछले साल की तुलना में 12.5 प्रतिशत से ज्यादा है. आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, NEET परीक्षा लगभग 340 शहरों और 1,300 से ज्यादा परीक्षा केंद्रों पर एक ही शिफ्ट में आयोजित की जाएगी.
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