नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) को जल्द ही डीम्ड-टू-बी-यूनिवर्सिटी का दर्जा मिल सकता है. सूत्रों के मुताबिक, "दर्जा देने के लिए शुरुआती काम पूरा हो चुका है. UGC को फैसला लेने के लिए एक मीटिंग करनी है. जनवरी महीने के आखिर तक अपडेट आ जाएगा." हाल ही में एक मीडिया हाऊस को इंटरव्यू देते हुए NCERT के डायरेक्टर प्रो. दिनेश प्रसाद सकलानी ने भी कहा कि दर्जा मिलने के बाद NCERT यूनिवर्सिटी भी दूसरे देशों के शिक्षण संस्थानों के साथ टाई-अप कर सकेगी. साथ ही स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम भी शुरू होगा.
बता दें कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 2023 में NCERT को डीम्ड यूनिवर्सिटी में बदलने की घोषणा की थी. साथ ही कहा था कि NCERT के रिसर्च यूनिवर्सिटी में बदलने से ग्लोबल सहयोग के रास्ते खुलेंगे और यह ग्लोबल एजुकेशनल माहौल में ज़्यादा सक्रिय रूप से योगदान दे पाएगा.
शिक्षा मंत्रालय के तहत आती है NCERT
NCERT शिक्षा मंत्रालय के तहत एक ऑटोनॉमस संगठन है. करिकुलम डेवलपमेंट, टेक्स्टबुक पब्लिकेशन, एजुकेशनल रिसर्च और टीचर ट्रेनिंग के जरिए स्कूली शिक्षा की क्वालिटी को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाता है. एक बार स्टेटस मिलने के बाद, NCERT बड़े इन-हाउस रिसर्च प्रोग्राम शुरू कर पाएगा और एक पूरी रिसर्च यूनिवर्सिटी के तौर पर काम कर पाएगा.
सूत्रों ने बताया कि इस इंस्टीट्यूशन को मुख्य रूप से शिक्षा मंत्रालय के तहत स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग से फंड मिलेगा. भारत में यूनिवर्सिटी को यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) से मान्यता मिलती है, जिसे UGC एक्ट, 1956 से अपनी शक्तियां मिलती हैं.
क्या होती है डीम्ड-टू-बी-यूनिवर्सिटी
डीम्ड-टू-बी-यूनिवर्सिटी एक स्टेटस है जो UGC की सलाह और केंद्र सरकार की मंजूरी पर पढ़ाई के किसी खास फील्ड में बेहतरीन काम करने वाले हायर एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन को दिया जाता है. UGC वेबसाइट के मुताबिक, लगभग 145 इंस्टीट्यूशन को डीम्ड यूनिवर्सिटी का स्टेटस मिला हुआ है. इंडियन इंस्टीट्यूशन ऑफ़ साइंस (IISc) को 1958 में यह स्टेटस मिलने वाला पहला इंस्टीट्यूशन था, जबकि तमिलनाडु में सबसे ज़्यादा डीम्ड यूनिवर्सिटी हैं.
डीम्ड यूनिवर्सिटी स्टेटस वाले इंस्टीट्यूशन को पूरी एकेडमिक ऑटोनॉमी मिलती है, जिसमें कोर्स डिज़ाइन करने, करिकुलम डेवलप करने, एडमिशन क्राइटेरिया तय करने और फीस तय करने की आज़ादी शामिल है. इस स्टेटस के साथ, NCERT अपनी ग्रेजुएट, पोस्टग्रेजुएट और डॉक्टरेट डिग्री दे पाएगा, जिससे भारत के हायर एजुकेशन और रिसर्च इकोसिस्टम में इसकी भूमिका काफ़ी बढ़ जाएगी.
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