National Scholarship for Post-Graduate Students : ग्रेजुएशन के बाद पीजी की पढ़ाई का खर्च कई स्टूडेंट्स के लिए बड़ी चिंता का विषय होता है. कॉलेज की फीस से लेकर किताबों और दूसरी जरूरतों तक, हर महीने एक अच्छी खासी रकम खर्च हो जाती है. ऐसे में अगर पढ़ाई के दौरान सरकार की तरफ से हर महीने 15 हजार रुपये की मदद मिल जाए तो काफी राहत मिल सकती है. केंद्र सरकार की नेशनल स्कॉलरशिप फॉर पोस्ट ग्रेजुएट स्टडीज योजना इसी तरह की आर्थिक मदद देती है. इसके तहत पात्र स्टूडेंट्स को साल में 10 महीने तक हर महीने 15,000 रुपये की स्कॉलरशिप मिल सकती है. हालांकि, इसका फायदा लेने के लिए कुछ जरूरी शर्तें पूरी करना जरूरी है.
पहली बार पीजी डिग्री वालों को मिलेगा फायदा
इस योजना के लिए वही स्टूडेंट्स आवेदन कर सकते हैं जो किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी, कॉलेज या संस्थान में पीजी डिग्री के पहले साल में पढ़ रहे हैं. कोर्स रेगुलर यानी फुल टाइम मोड में होना चाहिए. आवेदक की उम्र 30 साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए. साथ ही वह अपनी पहली पीजी डिग्री कर रहा हो. अगर किसी ने पहले ही एक पीजी डिग्री पूरी कर ली है तो वह इस स्कॉलरशिप के लिए पात्र नहीं होगा. अगर कोई स्टूडेंट इंटीग्रेटेड प्रोग्राम में पढ़ रहा है तो स्कॉलरशिप सिर्फ उसके कोर्स के पीजी वाले हिस्से के लिए दी जाएगी.
इस योजना के तहत चुने गए पात्र स्टूडेंट्स को हर महीने 15,000 रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है. पीजी की पढ़ाई के दौरान फीस, किताबों और रोजमर्रा की पढ़ाई से जुड़े खर्च संभालने वाले विद्यार्थियों के लिए यह मदद काफी काम की हो सकती है.
ऐसे करना होगा आवेदन
इस स्कॉलरशिप के लिए आवेदन नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल के जरिए ऑनलाइन करना होता है. सबसे पहले पोर्टल पर मोबाइल नंबर डालकर OTP से वेरिफिकेशन करना होगा. इसके बाद E-KYC की प्रक्रिया पूरी करनी होगी. आवेदन करते समय आधार के जरिए अपनी पहचान की पुष्टि चेहरे की पहचान से करनी होगी. इसके लिए जरूरी ऐप पहले से मोबाइल में इंस्टॉल होना चाहिए.
प्रक्रिया पूरी होने के बाद OTR (वन टाइम रजिस्ट्रेशन) नंबर मिलेगा. इसके बाद आवेदक को लॉगिन करके आवेदन फॉर्म भरना होगा, जरूरी जानकारी दर्ज करनी होगी, डॉक्युमेंट्स अपलोड करने होंगे और आखिर में फॉर्म फाइनल सबमिट करना होगा.
इन दस्तावेजों की होगी जरूरत
आवेदन के लिए कक्षा 9 से आगे की मार्कशीट और सर्टिफिकेट, पीजी कोर्स में एडमिशन का प्रोविजनल या फाइनल लेटर, पहचान पत्र, बैंक खाते की जानकारी और हाल की पासपोर्ट साइज फोटो जैसे डॉक्युमेंट्स तैयार रखने होंगे.
आवेदन करने के बाद तुरंत स्कॉलरशिप मिलना तय नहीं है. ऑनलाइन आवेदन की दो स्तरों पर जांच होती है. पहले उस संस्थान की ओर से वेरिफिकेशन किया जाता है जहां स्टूडेंट पढ़ रहा है. इसके बाद संबंधित राज्य के हायर एजुकेशन डिपार्टमेंट या राज्य की ओर से तय एजेंसी आवेदन की जांच करती है. इसलिए आवेदन करते समय सभी जानकारी और दस्तावेज ध्यान से भरना जरूरी है. छोटी सी गलती भी वेरिफिकेशन के दौरान परेशानी खड़ी कर सकती है.
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