केरल सरकार अपने राज्य की स्कूली छात्राओं को हर महीने तीन दिन का मासिक धर्म अवकाश देने की योजना लाने जा रही है. ये योजना लागू होने के बाद स्कूली बच्चियां मासिक धर्म के दौरान दर्द में स्कूल जानें से बच सकेंगे और घर पर आराम कर सकेंगी. सरकार की इस योजना के अनुसार, स्कूली छात्राएं हर महीने तीन दिन तक मासिक धर्म अवकाश ले सकेंगी. वहीं इस दौरान बच्चियों की पढ़ाई पर कोई बुरा असर न पड़े इसको लेकर विशेष ‘कैच-अप' कक्षाएं भी आयोजित की जाएंगी. केरल में कांग्रेस नीत यूडीएफ सरकार महिलाओं और बच्चों के लिए कई योजनाएं बना रही है. इन्हीं योजनाओं में से एक योजना मासिक धर्म अवकाश की है.
वीकेंड के दौरान लगाई जाएंगी विशेष क्लासें
राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में कहा, ‘‘मेरी सरकार स्कूली छात्राओं के लिए हर महीने अधिकतम तीन दिन का मासिक धर्म अवकाश घोषित करने की भी योजना बना रही है. साथ ही अतिरिक्त कक्षाओं की व्यवस्था की जाएगी, ताकि छात्राएं पढ़ाई में पीछे न रह जाएं.'' ये विशेष क्लासें वीकेंड के दौरान लगाई जाएंगी.
केरल सरकार की इस योजना पर कई तरह की प्रतिक्रिया भी सामने आ रही हैं और लोग इसकी तारीफ कर रहे हैं. एक्स पर एक यूजर ने पोस्ट कर लिखा, स्कूल जाने वाली छात्राओं के लिए 'मासिक धर्म अवकाश' (Menstrual Leave) का प्रस्ताव रखने वाला पहला राज्य बनना, महज़ एक नीति नहीं है... बल्कि यह गरिमा, सहानुभूति और समावेश को असल रूप में दर्शाने वाला कदम है.
A progressive step forward by Kerala. 👏👏
— Sini (@SiniiMayo) May 29, 2026
Becoming the first state to propose menstrual leave for schoolgirls is not just policy.. it's dignity, empathy and inclusion in action.
Kerala continues to lead the way !! pic.twitter.com/fadEhDexWW
वहीं एक अन्य यूजर ने एक्स पर केरल सरकारी कि इस योजान पर लिखा, मेरी एक भतीजी नर्सिंग की पढ़ाई कर रही है, और उसे भी इसी तरह की परेशानी से गुज़रना पड़ता है। वह दर्द बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं कर पाती. लेकिन अटेंडेंस की अनिवार्यता के कारण वह छुट्टी भी नहीं ले सकती. मेरा मानना है कि यह सुविधा पूरे शिक्षा तंत्र में लागू होनी चाहिए. मुझे सबसे ज़्यादा 'कैच-अप वीकेंड क्लास' वाला विचार पसंद आया; यह सचमुच एक क्रांतिकारी कदम है.
I have a niece in nursing who goes through the same. She can't take the pain at all. But she can't have days off because of attendance requirement
— Fortified Feeds🗿 (@FortifiedFeeds) May 29, 2026
I say this should be given to entire education system
My favourite was the catch up weekend class, now that's revolutionary
डे-केयर सेंटर शुरू करने की भी योजना
इसके अलावा 50 से अधिक कर्मचारियों वाले सभी कार्यस्थलों पर सुरक्षित और उच्च गुणवत्ता वाले ‘डे-केयर सेंटर' तथा ‘क्रेच' उपलब्ध कराने की भी योजना है. उन्होंने कहा कि सरकार मातृत्व लाभ अधिनियम, 1961 के तहत अनिवार्य बाल देखभाल (चाइल्ड केयर) नियम लागू करने का प्रस्ताव रखती है. इसके तहत सभी सरकारी कार्यालयों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों, आईटी पार्क और 50 से अधिक कर्मचारियों वाले संस्थानों में सुरक्षित और उच्च गुणवत्ता वाले डे-केयर सेंटर तथा क्रेच चलाना सुनिश्चित किया जाएगा.
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