MBBS Fees: भारत में प्राइवेट से मेडिकल की पढ़ाई करना काफी मंहगा होता है, ये हम सब जानते हैं. लेकिन एडमिशन लेने और फीस देने के बाद अगर बाद पहले साल में ही 60 प्रतिशत स्टूडेंट्स फेल हो जाए तो ये हैरान करने वाली बात है.दरअसल ये मामला त्रिपुरा के नए शांतिनिकेतन मेडिकल कॉलेज का है जहां पर पहले ही साल में बैच के 60 प्रतिशत से ज्यादा स्टूडेंट्स एमबीबीएस परीक्षा में फेल हो गए हैं. इस मेडिकल कॉलेज की स्थापना सरकार की ओर से चलाई जा रही आईजीएम अस्पताल को मुफ्त लीज पर लेकर की गई थी.
1 करोड़ है फीस
इस मेडिकल कॉलेज में MBBS कोर्स की फीस लगभग 1 करोड़ रुपये है. इतनी मंहगी फीस होने के बाद भी अगर बच्चों को अच्छी शिक्षा नहीं दी जा रही है और भारी मात्रा में बच्चे फेल हो रहे हैं तो ये हैरान करने वाली बात है. एचटी की रिपोर्ट के मुताबिक, आंकड़ें बताते हैं कि शांतिनिकेतन मेडिकल कॉलेज में एडमिशन लिए गए 150 छात्रों में से 147 छात्र परीक्षा में शामिल हुए थे. कुल 90 छात्र परीक्षा में असफल रहे और 50 से ज्यादा स्टूडेंट्स फेल हो गए.
-
NDTV WORLD SUMMIT 2026 : कृति सेनन को बिकिनी सीन करने में क्यों लगे 12 साल? -
ब्रिटेन के हरियाणवी मेयर तुषार कुमार ने बताया कैसे गरीबों की मदद ने जिताया चुनाव -
टैक्स सिर्फ कमाई पर लगे, पूरी रकम पर नहीं..."F&O ट्रेडर्स के नुकसान पर बोले Zerodha को-फाउंडर निखिल कामत -
जिस शशि थरूर को सुनती है पूरी दुनिया, संसद में वह किसे सुनना पसंद करते हैं? खुद खोला राज -
रुपये की गिरती कीमत पर RBI गवर्नर का बड़ा बयान, कोई फिक्स लेवल नहीं, जानिए क्या है रिजर्व बैंक का एक्शन प्लान -
टाटा संस की शेयर बाजार में लिस्टिंग अनिवार्य? RBI गवर्नर ने NDTV समिट में बताया ये क्यों है जरूरी -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके?
सरकारी कॉलेजों का रिजल्ट रहा शानदार
वहीं त्रिपुरा का सरकारी मेडिकल कॉलेजों जैसे अगरतला गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज का रिजल्ट अच्छा रहा. यहां पर 146 छात्रों में से 121 छात्रों ने पहले साल के फर्स्ट सेम की परीक्षा पास की, जबकि केवल 25 छात्र असफल हुए, केवल एक ही विषय में. तीनों मेडिकल कॉलेजों को देखा जाए तो 400 पात्र छात्रों में से 387 ने पहले साल में MBBS की परीक्षा दी औऱ 228 छात्र ही पास हो पाए. 159 स्टूडेंट्स को सप्लीमेंट्री परीक्षा दोबारा देनी होगी.
ये भी पढ़ें-माता वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज एडमिशन पर क्यों हो रहा बवाल, जानिए पूरा मैटर
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं