महाराष्ट्र सरकार ने ‘महाराष्ट्र प्राइवेट कोचिंग सेंटर्स (रजिस्ट्रेशन एंड रेगुलेशन) एक्ट, 2026' का प्रस्ताव रखा है. इसका उद्देश्य निजी कोचिंग संस्थानों को व्यापक नियामक ढांचे के तहत लाना, छात्रों की सुरक्षा मजबूत करना, शिकायतों के निवारण की व्यवस्था करना और छात्रों के मेंटल हेल्थ पर विशेष ध्यान देना है. स्कूल शिक्षा और खेल विभाग ने इस प्रस्तावित कानून का ड्राफ्ट जनता से सुझाव और आपत्तियां मांगने के लिए जारी किया है. सरकार सितंबर 2026 में निर्धारित तारीख के बाद इस ड्राफ्ट पर विचार करेगी.
कोचिंग सेंटरों का रजिस्ट्रेशन जरूरी
प्रस्तावित कानून के तहत 25 से अधिक छात्रों को पढ़ाने वाले सभी निजी कोचिंग सेंटरों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा. मौजूदा कोचिंग सेंटरों को कानून लागू होने के छह महीने के भीतर रजिस्ट्रेशन कराना होगा. वहीं, रजिस्ट्रेशन तीन साल के लिए वैध होगा और इसकी समाप्ति से कम से कम तीन महीने पहले नवीनीकरण के लिए आवेदन करना होगा. कोचिंग संस्थान की प्रत्येक शाखा का अलग रजिस्ट्रेशन जरूरी होगा. रजिस्ट्रेशन और नवीनीकरण के लिए सरकार ऑनलाइन पोर्टल विकसित करेगी.
13 साल से कम उम्र के बच्चों को कोचिंग नहींड्राफ्ट के मुताबिक, कोचिंग सेंटर 13 साल से कम उम्र के बच्चों का एडमिशन नहीं कर सकेंगे. वहीं, कोचिंग सेंटरों में पढ़ाने वाले ट्यूटर के लिए कम से कम ग्रेजुएशन की योग्यता जरूरी होगी. कोचिंग संस्थान रैंक, नंबर या प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता की गारंटी देने वाले भ्रामक दावे नहीं कर सकेंगे.
संस्थानों को अपनी वेबसाइट पर ट्यूटर की योग्यता और अनुभव, कोर्स, फीस, सुविधाएं, बैच की क्षमता और फीस रिफंड नीति जैसी जानकारी प्रकाशित करनी होगी.
फीस बढ़ाने पर रोक, 10 दिन में रिफंडकोचिंग संस्थान घोषित फीस के अलावा किसी अन्य मद में अतिरिक्त शुल्क नहीं वसूल सकेंगे. किसी कोर्स की फीस कोर्स शुरू होने के बाद बढ़ाई नहीं जा सकेगी. अगक छात्र पूरी फीस जमा करने के बाद बीच में कोर्स छोड़ता है, तो बाकी अवधि की फीस प्रो-राटा आधार पर 10 दिनों के भीतर वापस करनी होगी. यही नहीं हॉस्टल और मेस की फीस भी इसी तरह वापस करनी होगी.
दिन में अधिकतम 5 घंटे की क्लास
छात्रों के हित में एक अहम प्रावधान के तहत कोचिंग सेंटर दिन में पांच घंटे से ज्यादा क्लास नहीं चला सकेंगे. छात्रों और ट्यूटर दोनों के लिए साप्ताहिक छुट्टी अनिवार्य करने का प्रस्ताव है. साप्ताहिक छुट्टी के अगले दिन कोई टेस्ट या परीक्षा नहीं ली जा सकेगी. ताकि क्षेत्र के महत्वपूर्ण और प्रमुख त्योहारों के दौरान भी कोचिंग सेंटरों को इस तरह छुट्टी देनी होगी, जिससे छात्र परिवार के साथ समय बिता सकें.
मानसिक स्वास्थ्य और काउंसलिंग पर विशेष जोरकोचिंग सेंटरों को काउंसलिंग सिस्टम स्थापित करना होगा और प्रशिक्षित काउंसलर या मनोवैज्ञानिकों की सुविधा उपलब्ध करानी होगी. तनाव या परेशानी से जूझ रहे छात्रों को तत्काल और लगातार सहायता उपलब्ध करानी होगी.
ड्राफ्ट में लाइफ स्किल्स, वेलनेस, भावनात्मक स्वास्थ्य, मोटिवेशन, टीमवर्क, फिटनेस और शराब, तंबाकू व ड्रग्स के हानिकारक प्रभावों को लेकर भी काउंसलिंग का भी प्रावधान है.
छात्रों और अभिभावकों को स्पष्ट रूप से बताया जाएगा कि कोचिंग सेंटर में एडमिशन मेडिकल, इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, लॉ या प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता की गारंटी नहीं है. छात्रों को इंजीनियरिंग और मेडिकल के अलावा अन्य करियर विकल्पों की जानकारी देने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा.
नंबर के आधार पर बैच अलग नहींड्राफ्ट में प्रस्ताव है कि कोचिंग सेंटर छात्रों के शैक्षणिक प्रदर्शन के आधार पर अलग-अलग बैच नहीं बना सकेंगे. सरकार का मानना है कि इस तरह की बैच व्यवस्था छात्रों पर अतिरिक्त दबाव डाल सकती है और उनके मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है. छात्रों को आम तौर पर एडमिशन के क्रम के अनुसार बैच में रखा जाएगा और कोर्स पूरा होने तक बैच नहीं बदला जाएगा.
सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर के सख्त नियम
कोचिंग सेंटरों को बेसमेंट में संचालित करने की अनुमति नहीं होगी. प्रत्येक छात्र के लिए क्लासरूम में कम से कम एक वर्ग मीटर जगह उपलब्ध करानी होगी. इसके अलावा पर्याप्त वेंटिलेशन, रोशनी और सुरक्षित पेयजल की व्यवस्था अनिवार्य होगी.
अनिवार्य सुरक्षा प्रावधानों में शामिल हैं:
- फायर और बिल्डिंग सेफ्टी सर्टिफिकेट
- छात्रों और स्टाफ के लिए उचित पार्किंग
- फर्स्ट एड और प्राथमिक चिकित्सा सुविधा
- लड़के और लड़कियों के लिए अलग-अलग टॉयलेट
- दिव्यांग छात्रों के अनुकूल इंफ्रास्ट्रक्चर
- CCTV कैमरे और कम से कम एक महीने की फुटेज सुरक्षित रखना
- शिकायत पेटी/रजिस्टर और ऑनलाइन शिकायत निवारण व्यवस्था
स्कूलों से कोचिंग सेंटरों के संबंध पर रोक
प्रस्तावित कानून के तहत कोचिंग सेंटरों को मान्यता प्राप्त स्कूल या कॉलेज के परिसर में संचालित करने की अनुमति नहीं होगी. वहीं, मान्यता प्राप्त स्कूल या जूनियर कॉलेज में कार्यरत शिक्षक एक साथ निजी कोचिंग सेंटर में शिक्षक के रूप में नियुक्त नहीं हो सकेंगे. मान्यता प्राप्त स्कूल और कोचिंग सेंटर के बीच किसी भी तरह के औपचारिक या अनौपचारिक गठजोड़/इंटीग्रेशन पर भी रोक होगी.
शिकायतों के लिए मजबूत व्यवस्थाहर कोचिंग सेंटर को कानून लागू होने के एक महीने के भीतर शिकायत निवारण व्यवस्था स्थापित करनी होगी. POCSO Act या कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न से जुड़े मामलों में 24 घंटे के भीतर कार्रवाई शुरू करना अनिवार्य होगा. कोचिंग सेंटरों को CCTV फुटेज सहित संबंधित जानकारी तुरंत सरकार को उपलब्ध करानी होगी. परिसर में किसी भी संदिग्ध आपराधिक गतिविधि की सूचना तत्काल स्थानीय पुलिस को देनी होगी.
जांच और सेंटर सील करने का अधिकार- प्रस्तावित कानून के तहत जांच अधिकारियों और अपीलीय प्राधिकरणों को नियमों के उल्लंघन की जांच के लिए व्यापक अधिकार दिए जाएंगे.
- वे रिकॉर्ड, अकाउंट्स, डिजिटल डेटा और CCTV फुटेज मांग सकेंगे और निर्धारित परिस्थितियों में कोचिंग सेंटर में प्रवेश कर तलाशी भी ले सकेंगे.
- जांच के दौरान जरूरी दस्तावेज, कंप्यूटर, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस या CCTV रिकॉर्डिंग को जब्त करने का भी अधिकार होगा.
- छात्रों की सुरक्षा से जुड़े गंभीर मामलों में अधिकारियों को कोचिंग सेंटर को अस्थायी रूप से बंद या सील करने का अधिकार होगा.
ड्राफ्ट में उल्लंघनों को मामूली और गंभीर उल्लंघन की श्रेणी में बांटा गया है.
मामूली उल्लंघन के लिए 1 लाख से 5 लाख तक जुर्माना लगाया जा सकता है. बार-बार मामूली उल्लंघन होने पर जुर्माना 10 लाख तक हो सकता है.
गंभीर उल्लंघन के मामलों में 10 लाख से 50 लाख तक का जुर्माना लगाया जा सकता है.
अधिकारियों को लाइसेंस निलंबित करने, रजिस्ट्रेशन स्थायी रूप से रद्द करने या कोचिंग सेंटर बंद करने का भी अधिकार होगा.
अगर किसी मान्यता प्राप्त स्कूल की गंभीर उल्लंघन में सक्रिय भूमिका पाई जाती है, तो सरकार उस स्कूल की मान्यता रद्द करने पर भी विचार कर सकती है.
प्रस्तावित कानून का उद्देश्य निजी कोचिंग संस्थानों को नियामक दायरे में लाना है. इसके केंद्र में छात्रों पर शैक्षणिक दबाव कम करना, सुरक्षा सुनिश्चित करना, भ्रामक दावों और मनमानी फीस पर रोक लगाना तथा छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य की सुरक्षा जैसे मुद्दे हैं.
यह भी पढ़ेंः सरकारी नौकरी पाने के लिए कितनी होनी चाहिए Typing Speed और कौन सी Jobs में पास करना होता है टाइपिंग टेस्ट...
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं