देश के केंद्रीय विद्यालयों (Kendriya Vidyalaya) में पढ़ने वाले छात्रों के लिए एक बड़ा और महत्वपूर्ण अपडेट आया है. केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) ने एकेडेमिक सेशन 2026-27 से क्लास 6 और 9 के लिए थर्ड लैंग्वेज (Third Language) के नियमों में बड़ा बदलाव किया है. नए आदेश के मुताबिक, अब सभी स्कूलों को अपने यहां कम से कम एक सेक्शन में संस्कृत (Sanskrit) की पढ़ाई अनिवार्य रूप से शुरू करनी होगी.
इस नए नियम के तहत छात्र अपनी पहली और दूसरी भाषा के रूप में हिंदी और अंग्रेजी तो पढ़ते ही रहेंगे. लेकिन तीसरी भाषा के तौर पर अब उनके पास संस्कृत या फिर भारतीय संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल किसी भी क्षेत्रीय या राज्य की भाषा को चुनने का मौका होगा.
क्या है नया नियम और कैसे होगा सेक्शन का फैसला?
KVS ने साफ किया है कि अब हर केंद्रीय विद्यालय को छात्रों और उनके माता-पिता से उनकी पसंद की भाषा पूछनी होगी. इसके बाद इस पूरी जानकारी को 'समागम' (Samagam) पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा. इसी डेटा के आधार पर स्कूलों में टीचरों और क्लासरूम की व्यवस्था की जाएगी.
खास बातजिन छात्रों की तीसरी भाषा एक जैसी होगी, उन्हें एक ही सेक्शन में रखा जाएगा ताकि पढ़ाई में कोई दिक्कत न आए. अगर किसी स्कूल में केवल एक ही सेक्शन है, तब भी अगर कम से कम 15 छात्र किसी एक भाषा को चुनते हैं, तो उनके लिए अलग से ग्रुप बनाया जा सकता है.
वहीं, जिन स्कूलों में एक से ज्यादा सेक्शन हैं, वहां छात्रों की मांग के हिसाब से सेक्शन बांटे जाएंगे, लेकिन हर स्कूल में कम से कम एक सेक्शन संस्कृत का जरूर होगा.
क्यों किया गया यह बदलाव?
यह फैसला राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क (NCF) 2023 के नियमों को ध्यान में रखकर लिया गया है. CBSE ने भी कक्षा 9 के लिए तीन-भाषा के इस फॉर्मूले को मंजूरी दे दी है. जब तक इस नए नियम के लिए बाजार में नई किताबें नहीं आ जातीं, तब तक छात्र कक्षा 8 की पुरानी किताबों से ही पढ़ाई जारी रखेंगे.
21 जून को होगी NEET UG RE-EXAM, जानें कब आएगा Admit Card और क्या हैं नए नियम
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं