JoSAA Counselling 2026: JEE के बाद जोसा काउंसलिंग (JoSAA Counselling 2026) में शामिल होने जा रहे हैं, तो आपके लिए बेहद जरूरी खबर आ रही है. इस साल भी ज्यादातर छात्रों की पहली पसंद वही ब्रांच बनी हुई हैं, जिनका कनेक्शन टेक्नोलॉजी, AI और हाई सैलरी वाली जॉब्स से है. यही वजह है कि काउंसलिंग के पहले ही राउंड में कई पॉपुलर ब्रांच की सीटों को लेकर मारामारी मची हुई है. काउंसलिंग के पहले राहुँड में इनकी सीटे करीब-करीब फुल हो चुकी हैं. आइए जानते हैं सबसे ज्यादा डिमांड किन-किन ब्रांचेज की हैं.
IIT-NIT की किन ब्रांच की सीटों की सबसे ज्यादा डिमांड
- कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग (CSE)
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)
- डेटा साइंस (Data Science)
- इलेक्ट्रिॉनिक्स एंड कम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग (ECE)
- इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग (Electrical Engineering)
किन ब्रांच में एडमिशन की मारामारी
कंप्यूटर साइंस और AI
इस समय कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (CSE) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड डेटा साइंस (AIDS) का क्रेज सातवें आसमान पर है. जोसा काउंसलिंग के पहले ही दौर में इन दोनों ब्रांचेज की सीटें फुल हो चुकी हैं. NIT पटना में कंप्यूटर साइंस की सभी 175 में से 175 सीटें और AI और डेटा साइंस की सभी 75 में से 75 सीटें पहले राउंड में ही 100% फुल हो चुकी हैं. टॉप IITs बॉम्बे, दिल्ली, मद्रास में भी जनरल कैटेगरी के लिए कंप्यूटर साइंस की सीटें पहले ही अलॉटमेंट में पैक हो गई हैं. यहां आने वाले राउंड्स में भी रैंक खिसकने की उम्मीद न के बराबर मानी जा रही हैं.
इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन और इलेक्ट्रिकल
डिजिटल और चिप डिजाइनिंग (VLSI) के बढ़ते मार्केट की वजह से इलेक्ट्रॉनिक्स (ECE) और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग इस बार छात्रों की दूसरी सबसे बड़ी हॉट चॉइस बनकर उभरी हैं. पटना एनआईटी में कुल 1023 सीटों में से 1012 सीटें अलॉट हो चुकी हैं, जिसमें कंप्यूटर के बाद सबसे ज्यादा डिमांड इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिकल का ही रहा है. पूरे देश में इस साल इलेक्ट्रॉनिक्स (ECE) की करीब 12,800 और इलेक्ट्रिकल की करीब 8,900 सीटें हैं, जिनमें से ज्यादातर टॉप-टियर कॉलेजों में पहले दौर में ही बुक हो चुकी हैं.
मैकेनिकल, सिविल और आर्किटेक्चर
अगर आपकी रैंक थोड़ी कम है, तो निराश होने की जरूरत नहीं है. पारंपरिक या कोर ब्रांचेज कही जाने वाली स्ट्रीम्स में अभी राहत है. IIT पटना और NIT पटना दोनों ही संस्थानों में मैकेनिकल इंजीनियरिंग, सिविल इंजीनियरिंग और आर्किटेक्चर जैसी कोर ब्रांचेज में पहले राउंड के बाद भी कुछ सीटें खाली बची हैं. एक्सपर्ट्स का कहना है कि दूसरे और तीसरे राउंड में उन छात्रों की पूरी नजर इन खाली सीटों पर रहेगी, जो ब्रांच से थोड़ा समझौता करके भी आईआईटी या एनआईटी जैसे बड़े ब्रांड में एंट्री पाना चाहते हैं.
माइनिंग और मेटलर्जी
जोसा काउंसलिंग में माइनिंग और मेटलर्जी को लेकर छात्रों की पसंद काफी पीछे हैं. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, पहले फेज में इन ब्रांचेज की सीटें शुरुआती राउंड में आसानी से नहीं भरतीं, इसलिए आखिरी राउंड (जैसे CSAB) तक यहां एडमिशन लेने का चांस बना रह सकता है.
ड्यूल डिग्री और नए कोर्सेज
इस साल कई आईआईटी में नए स्पेशल कोर्सेज जैसे साइबर सिक्योरिटी, स्पेस साइंस शुरू हुए हैं. वहीं कुछ पुराने ड्यूल डिग्री (B.Tech + M.Tech) कोर्सेज भी हैं. आईआईटी और एनआईटी पटना के एकेडमिक डीन के मुताबिक, संस्थानों में सिर्फ ड्यूल कोर्स की कुछ सीटें ही अब बची हैं, जिन्हें पहले राउंड में छात्रों ने अलॉट नहीं किया. बाकी सिंगल डिग्री (4 साल वाले) कोर्सेज की डिमांड बहुत ज्यादा हैं.
इस साल कितनी सीटों पर होगा एडमिशन
कुल सीटें- 67,000 से ज्यादा
23 IITs- 18,951 सीटें
32 NITs- 25,162 सीटें
26 IIITs- 11,518 सीटें
GFTIs- 11,692 सीटें
जोसा काउंसलिंग की डेट्स
- 26 जून- पहले राउंड की फीस जमा करने की आखिरी तारीख
- 30 जून- दूसरे राउंड का सीट अलॉटमेंट रिजल्ट
- 6 जुलाई- तीसरे राउंड का रिजल्ट
- 10 जुलाई- चौथे राउंड का रिजल्ट
- 16 जुलाई- पांचवें राउंड का रिजल्ट
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