जामिया मिलिया इस्लामिया ने अपने एग्जाम नियमों में बदलाव किया है. नए नियमों के तहत जिन फाइनल ईयर के छात्रों के कुछ पेपर (बैकलॉग) बाकी हैं, वे सीधे कम्पार्टमेंट परीक्षा में शामिल हो सकते हैं. यानी अगले रेगुलर एग्जाम साइकल का इंतजार किए बिना अपनी डिग्री पूरी कर सकेंगे. इस नियम को यूनिवर्सिटी की एग्जीक्यूटिव काउंसिल (EC) ने ऑर्डिनेंस-15 में संशोधन के जरिए मंजूरी दी. नए नियमों के तहत फाइनल सेमेस्टर या सालाना सिस्टम वाले फाइनल ईयर के वे छात्र, जिनका किसी पिछले सेमेस्टर या साल का कोई पेपर बाकी (बैकलॉग) है, वे फाइनल सेमेस्टर या फाइनल सालाना परीक्षा के बाद होने वाली कम्पार्टमेंट परीक्षा में शामिल होने के योग्य होंगे.
नियम केवल रेगुलर कोर्स के छात्रों के लिए
यूनिवर्सिटी ने कहा कि कम्पार्टमेंट परीक्षा की तारीखों की जानकारी परीक्षा नियंत्रक कार्यालय (Office of the Controller of Examinations) अलग से देगा. यह नियम सिर्फ यूनिवर्सिटी के रेगुलर कोर्स में दाखिला लेने वाले छात्रों पर लागू होगा. डिस्टेंस एजुकेशन के जरिए पढ़ाई करने वाले छात्र इस सुविधा के लिए योग्य नहीं होंगे.
ऑर्डिनेंस-15 के क्लॉज़ 24.4 में संशोधन के तहत, यूनिवर्सिटी ने साफ किया कि "कैरी-ओवर सिस्टम" के तहत चलने वाले कोर्स के लिए आम तौर पर कम्पार्टमेंट परीक्षा नहीं कराई जाएगी. हालांकि, फाइनल सेमेस्टर या फाइनल ईयर के छात्रों को किसी भी सेमेस्टर या साल के बैकलॉग पेपर के लिए कम्पार्टमेंट परीक्षा में शामिल होने की इजाज़त होगी.
15 दिनों के भीतर री-इवैल्यूएशन
एग्जीक्यूटिव काउंसिल ने री-इवैल्यूएशन (पुनर्मूल्यांकन) से जुड़े नियमों में बदलाव को भी मंज़ूरी दी है. ऑर्डिनेंस-15 के संशोधित क्लॉज 23.1 के अनुसार, फाइनल ईयर के छात्रों के पास अपनी आंसर स्क्रिप्ट के री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन करने के बजाय सीधे कम्पार्टमेंट परीक्षा में शामिल होने का विकल्प होगा. दूसरे सालों के छात्र मौजूदा प्रक्रिया के अनुसार, नतीजे घोषित होने के 15 दिनों के भीतर री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन करने के योग्य बने रहेंगे.
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