हरियाणा सरकार ने स्कूलों के मौजूदा एकेडमिक सेशन 2026-27 में छठी कक्षा के सिलेबस में योग को शामिल करने की घोषणा की है और अगले एकेडमिक ईयर में इसे तीसरी से नौवीं कक्षा तक के सभी क्लास में लागू किया जाएगा. इस कदम का मकसद शुरुआती स्तर से ही योग और संपूर्ण सेहत को बढ़ावा देना है. हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रविवार को इसकी घोषणा की. उन्होंने कहा, अगले शैक्षणिक सत्र से कक्षा 3 से 9 तक के पाठ्यक्रम में योग को शामिल किया जाएगा और यह राज्य सरकार की भर्ती परीक्षाओं का भी एक अनिवार्य हिस्सा होगा. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की नीति में योगासनों को खेल विधा के रूप में शामिल किया जाएगा.
सैनी पंचकूला में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित एक राज्य-स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा, "आगामी शैक्षणिक सत्र में कक्षा 3 से 9 तक की सभी कक्षाओं के पाठ्यक्रम में योग को शामिल किया जाएगा. इससे छात्रों का शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक विकास होगा. मौजूदा शैक्षणिक सत्र के लिए कक्षा 8 के पाठ्यक्रम में योग को पहले ही शामिल किया जा चुका है.
सरकारी परीक्षा में पूछे जाएं योग से जुड़े सवाल
सैनी ने घोषणा की, "हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग और हरियाणा लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं में योग से संबंधित प्रश्नों को अनिवार्य हिस्सा बनाया जाएगा.इसके लिए परीक्षा नीति में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे."
सभा को संबोधित करते हुए सैनी ने कहा कि राज्य भर के सभी स्कूलों में योग और योग शिक्षा को नियमित रूप से बढ़ावा देने के लिए सभी शारीरिक प्रशिक्षण प्रशिक्षकों और अन्य शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा. हरियाणा के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में खेल विभागों का नाम बदलकर 'खेल और योग विभाग' कर दिया जाएगा और राज्य की नीति में योगासनों को खेल विधा के रूप में माना जाएगा.
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