केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) 12वीं का रिजल्ट आने के बाद छात्र री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं. री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया पहले 29 मई से शुरू होनेवाली थी. लेकिन बाद में इसकी तारीख को बदलकर 1 जून कर दिया गया है. आज 1 जून है और सुबह से छात्र बस इंतजार कर रहे हैं कि कब पोर्टल शुरू होगा और वो आवेदन कर सकेंगे. दरअसल CBSE रीवैल्यूएशन वेरिफिकेशन विंडो 1 जून की टाइमलाइन के बावजूद अभी तक नहीं खुली है. ऑफिशियल CBSE पेज पर अभी 'अंडर मेंटेनेंस' मैसेज दिख रहा है और लिखा गया है कि यह सुविधा जल्द ही उपलब्ध कराई जाएगी.

CBSE ने पहले रीवैल्यूएशन प्रोसेस को यह कहते हुए टाल दिया था कि वह एक आसान और ग्लिच फ्री सिस्टम पक्का करना चाहते हैं. इसलिए इसमें देरी हो रही है. हालांकि बताई गई समय सीमा के बाद भी पोर्टल काम नहीं कर रहा है, जिसने छात्रों की परेशानी बढ़ा दी है.
वहीं CBSE के सूत्रों का कहना है कि आज ही Re Evalution पोर्टल शुरू कर दिया जाएगा. पोर्टल शुरू होने से पहले टेक्निकल और पेमेंट से जुड़े काम को पूरा किया जा रहा है . सीबीएसई सूत्रो ने कहा बोर्ड इसे टेक्निकल तौर पर एरर फ्री बनाने में जुटा हुआ है.
एडमिशन प्रोसेस पर असर पड़ने का डर
12वीं का रिजल्ट आने के बाद कई छात्रों ने ऐसा दावा किया है कि उनका पेपर अच्छा गया था लेकिन अंक उसके मुताबिक नहीं आए हैं. कम अंक आने के कारण सीधा असर कॉलेजों में दाखिला लेने की प्रक्रिया पर पड़ रहा है. कई छात्र ऐसे हैं, जिनके 12वीं में 75% से कम मार्क्स आएं हैं, लेकिन उन्होंने जेईई पास कर लिया है. स्टूडेंट्स उम्मीद कर रहे हैं कि रीवैल्यूएशन के लिए अप्लाई करके उनके अंक में सुधार हो सकता है और अपने पसंद के इंजीनियरिंग कॉलेजों में एडमिशन के लिए आवेदन कर सकेंगे.
स्टूडेंट्स को यह भी डर है कि अगर रिवाइज़्ड मार्क्स समय पर अपडेट नहीं किए गए. तो इससे उनके एडमिशन प्रोसेस पर असर पड़ सकता है. बता दें कि JEE काउंसलिंग 2 जून से शुरू हो रही है. JEE काउंसलिंग का हिस्सा बनने के लिए 12वीं में 75% अंक आना अनिवार्य है.
ये भी पढ़ें- CBSE के मार्किंग सिस्टम ने बिगाड़ा रिजल्ट, छात्रा सानवी ने लगाए आरोप
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं