विज्ञापन

CBSE के मार्किंग सिस्टम ने बिगाड़ा रिजल्ट, छात्रा सानवी ने लगाए आरोप

CBSE जिस OSM सिस्टम को एकदम सही बता रही ही, उसी सिस्टम से चेक हुई एक छात्रा की कॉपी में नंबर जोड़ने में गलती देखी गई है. 12वीं की छात्रा सानवी शर्मा ने दावा किया है कि उसके इकोनॉमिक्स के पेपर में एक जगह पर टोटलिंग में गलती हुई है.

CBSE के मार्किंग सिस्टम ने बिगाड़ा रिजल्ट, छात्रा सानवी ने लगाए आरोप
CBSE की स्कैन कॉपी देख छात्रा सानवी हुई परेशान

CBSE के परीक्षा परिणाम आने के बाद OSM यानी डिजीटल मूल्यांकन को लेकर अब तक धुंधली स्कैन या कॉपी बदलने की शिकायत सामने आई थी. अब पता चल रहा है कि डिजीटल मूल्यांकन में कम नंबर मिले हैं. सानवी शर्मा ने इकोनॉमिक्स, अकाउंट और बिजनेस स्टडी की स्कैन कॉपी निकलवाई. सानवी ने NDTV को अपनी कॉपी दिखाई जिसमें कई जगह पर मार्क कम दिए गए हैं. जबकि उनका दावा है कि उत्तर सही है. अपनी इकोनॉमिक्स की उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी जब सानवी को मिली तो उनके परिवार के होश उड़ गए. कई जगह पर आंसर सही थे. लेकिन नंबर नहीं दिए गए. यही वजह है कि सानवी के परिवार का आरोप है कि OSM या डिजीटल मूल्यांकन नहीं कराना चाहिए. जब तक तैयारी पूरी नहीं थी. यही नहीं डिजीटल मूल्यांकन कैसे होता है ये भी छात्र और अभिभावकों को नहीं पता है.

इसके अलावा सानवी ने अपनी कॉपी में दिखाया कि कई उत्तर सही होने के बाद भी जीरो नंबर दे दिया गया है. सान्वी के उत्तर पुस्तिका में सवालों का जबाव तो सही था, लेकिन उसमें नंबर नहीं दिया गया है. सान्वी का कहना है कि मुझे 58 फीसदी नंबर मिले हैं. अगर आंसर शीट सही से चेक होती तो उसे 70 फीसदी से ज्यादा नंबर मिलते.

"मेरी बच्ची का करियर तबाह"

सानवी शर्मा की मां रजनी शर्मा ने कहा कि मेरी बच्ची का करियर किस तरह तबाह करने की कोशिश की गई है. पहले रिज़ल्ट, फिर पुनर्मूल्यांकन के लिए पैसे भरो कितना हम लोग परेशान हो रहे हैं. मेरी बेटी के 75 फ़ीसदी से ज़्यादा नंबर होने चाहिए थे. लेकिन मिले महज 54 फीसदी नंबर. जब इतनी गड़बड़ी सामने आ रही है, तो OSM से ही कॉपी क्यों चेक करवाई जा रही है.

पढ़ाई प्राइवेट किताब से और मूल्यांकन NCERT से 

सान्वी शर्मा की मां रजनी शर्मा ने आरोप लगाया है कि दिल्ली के स्कूलों में कॉमर्स की पढ़ाई के लिए प्राइवेट किताब ख़रीदने को कहा जाता है. लेकिन लग ये रहा है कि मूल्यांकन NCERT किताब के हिसाब होता है. उनका आरोप है कि कई सवाल सही होने के बावजूद उनकी बच्ची को नंबर नहीं मिले.

बता दें कि कांग्रेस के नेता राहुल गांधी ने OSM यानी डिजीटल मूल्यांकन करने वाली कंपनी पर सवाल उठाए हैं. शिक्षाविद केशव अग्रवाल ने आरोप लगाया कि OSM करने वाली कंपनी ने कैसे 40 करोड़ कॉपी स्कैन की, उसके पास क्या तकनीकी थी. तेलांगाना में विवाद होने के बाद कंपनी ने नाम बदला और उसे यहां ठेका मिल गया. जिस तरह की गड़बड़ी हुई है उसी का नतीजा है कि 11 लाख से ज्यादा छात्रों ने पूनर्मूल्यांकन के लिए अप्लाई किया है

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com