सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने खाड़ी के सात देशों में 12वीं कक्षा के बच्चों के लिए नया मार्किंग सिस्टम लागू किया है. जिन छात्रों (प्राइवेट स्टूडेंट्स ) ने इस साल 12वीं की परीक्षा दी थी उन्हें अंक नए मार्किंग सिस्टम के आधार पर दिए जाएंगे. बता दें कि इन देशों में वेस्ट एशिया में तनाव के कारण बोर्ड परीक्षाएं रद्द कर दी गई थीं. केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को इस नए नियम के बारे में जानकारी दी. नया मार्किंग सिस्टम बहरीन, ईरान, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और UAE के छात्रों पर लागू होगा. आइए जानते हैं कि इन देशों के बच्चों को किसी हिसाब से नंबर दिए जाएंगे.
इस तरह से होंगे मार्क्स कैलकुलेट
सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन के नए मार्किंग सिस्टम के अनुसार खाड़ी देशों के जो छात्र इस साल युद्ध के कारण परीक्षा नहीं दे पाए हैं, उन्हें मार्क्स 40:60 के फ़ॉर्मूले से दिए जाएंगे. 40% मार्क्स क्लास 10 के थ्योरी स्कोर से आएंगे. 60% मार्क्स स्टूडेंट के क्लास 12 के आखिरी एग्ज़ाम में आए नंबर के आधार पर होंगे. CBSE के अनुसार क्योंकि प्राइवेट स्टूडेंट्स के पास स्कूल-बेस्ड मार्क्स (जैसे इंटरनल असेसमेंट या प्री-बोर्ड एग्ज़ाम) नहीं होते हैं. इसलिए ये फ़ॉर्मूला निकाला गया है.
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में एक छात्र ने याचिका दायर की थी. जिसमें कहा था, उसकी 12वीं क्लास की इम्प्रूवमेंट परीक्षा का रिज़ल्ट घोषित नहीं किया गया है. ये छात्र सऊदी अरब का रहने वाला था. इस छात्र ने अपनी याचिका में कहा था कि रेगुलर छात्रों का मूल्यांकन पहले ही हो गया था, लेकिन प्राइवेट छात्रों को छोड़ दिया गया. इस मामले की सुनवाई के दौरान, सरकार ने कोर्ट को नए मार्किंग सिस्टम के बारे में बताया और कहा छात्र का रिजल्ट नए नियम के तहत जारी किया गया है. साथ ही जो छात्र अपने मार्क्स से खुश नहीं हैं, वे अगले CBSE बोर्ड एग्जाम में फिर से शामिल हो सकते हैं. इसके बाद, सुप्रीम कोर्ट ने ये मामला बंद कर दिया, लेकिन छात्र को ज़रूरत पड़ने पर आगे कानूनी कदम उठाने की इजाज़त दे दी.
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