CBSE OSM Controversy: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने माना कि OSM यानी डिजिटल मूल्यांकन में पहली बार CBSE ने 40 करोड़ पन्नों की स्कैनिंग की है. इसमें कुछ विसंगतियां आई हैं, जिनको दूर करने का प्रयास हो रहा है. इससे एक दिन पहले 27 मई को NDTV ने खबर कि थी कि CBSE ने 40 करोड़ पेज की स्कैनिंग कैसे करवाई. इसमें सवाल उठाया गया था कि बिना टेस्ट किए कैसे एक कंपनी ने किन मशीनों के जरिए 40 करोड़ पेज की स्कैनिंग की है. अब खुद शिक्षा मंत्री ने इस बात को माना है कि बोर्ड ने करीब 40 करोड़ पेज की स्कैनिंग करवाई है.
विसंगति की बात कबूली
धर्मेंद्र प्रधान ने CBSE से संबंधित एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई, जिसमें दो IIT के विशेषज्ञों को भी बुलाया गया था. उसके बाद मीडिया से बात करते उन्होंने कहा कि चूंकि ये पहली बार OSM करवाया गया जो पूरी तरह से पारदर्शी प्रक्रिया है, उसमें जो विसंगति आई है उसे ठीक करके दूर किया जाएगा. किसी भी छात्र के साथ अहित नहीं होने दिया जाएगा. धर्मेंद्र प्रधान ने माना कि इसमें कुछ विसंगति आई है, उसमें सुधार किया जाएगा.
#WATCH | Delhi: On meeting with CBSE officials, Education Minister Dharmendra Pradhan says, "... CBSE has begun the revaluation process for the Class 12 examinations. Around 17 lakh students took part, with nearly 98 lakh answer copies — about 40 crore scanned pages in total. For… pic.twitter.com/Wk1LFLkslZ
— ANI (@ANI) May 28, 2026
NDTV ने उठाया था 40 करोड़ पन्ने स्कैन करने का मुद्दा
CBSE की तरफ से करीब एक करोड़ बच्चों की कॉपी चेक की गई. करीब 17 लाख छात्रों ने CBSE की बारहवीं की परीक्षा दी. इसमें पांच विषय होते हैं, यानी 85 लाख कॉपी तो यही हो गई. ज्यादातर कॉपियां 36-40 पेज की होती हैं फिर सप्लीमेंट्री कॉपी भी लेते हैं. ऐसे में एक छात्र के 40 पेज स्कैन किए गए यानी 40 करोड़ पेज स्कैन हुए होंगे. इस पर शिक्षाविद केशव अग्रवाल ने भी एनडीटीवी से बातचीत में सवाल उठाया था. उन्होंने कहा कि छात्रों की कॉपी स्कैन करने के लिए क्या ये कंपनी सक्षम है? हाल ही में आ रही छात्रों की शिकायतों के बाद ऐसे सवाल उठ रहे हैं.
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