‘चिड़िया... चिड़िया... उड़ती जा..., गीत खुशी से गाती जा.... दस चिड़िया खाती थीं अनार... एक चिड़िया उड़ गई... बाकी बच गईं नौ....' कक्षा में बच्चे गीत गाते हैं और एक-एक कर चिड़िया के उड़ने का अभिनय करते हैं. चिड़िया उड़ती जाती है और संख्या घटती जाती है. साथ में फलों के नाम भी बदलते रहते हैं. गीत खत्म होने तक बच्चे गिनती और घटती संख्या का अभ्यास कर लेते हैं. बच्चों को पढ़ाने का ये तरीका नवादा के प्राथमिक विद्यालय शाहपुर नहर की प्रधान शिक्षिका निकिता भारती अपनाती हैं. यही वजह है कि अब शिक्षक दिवस के मौके पर उन्हें सम्मानित किया जा रहा है.
बच्चों को पढ़ाने का अनोखा तरीका
निकिता के लिए कक्षा में पढ़ाई सिर्फ किताब और कॉपी तक सीमित नहीं है. वो बच्चों की रुचि के अनुसार खेल, गीत, डांस और टीएलएम के जरिए विषयों को समझाती हैं. उनका कहना है कि शुरुआत में बच्चे पढ़ाई में कम रुचि लेते थे, जबकि खेल और म्यूजिक में उनकी दिलचस्पी थी. इसलिए उन्होंने इन्हीं चीजों को पढ़ाई से जोड़ दिया.
गीत के साथ सीखते हैं गिनती
गिनती सिखाने के लिए चिड़िया और फलों वाला गीत इसका उदाहरण है. एक-एक चिड़िया कम होती जाती है और संख्या भी उसी क्रम में घटती जाती है. एक्टिविटी में बच्चे खुद शामिल होते हैं, जिससे उन्हें संख्या का क्रम समझने में आसानी होती है. कठिन विषयों को आसान बनाने के लिए निकिता अलग-अलग टीएलएम भी तैयार करती हैं. उनका जोर इस बात पर रहता है कि बच्चे सिर्फ सुनें नहीं, बल्कि गतिविधि में शामिल होकर सीखें.
खेल से गुड टच-बैड टच की जानकारी
पढ़ाई के साथ बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी जानकारी भी निकिता गतिविधियों के जरिए देती हैं. वह बच्चों को गुड टच और बैड टच के बारे में समझाती हैं और बताती हैं कि कौन सा स्पर्श सहज लगता है और कौन सा असहज. किसी गलत स्थिति में भरोसेमंद बड़े से बात करने के लिए भी बच्चों को जागरूक किया जाता है. निकिता ने NDTV से बातचीत में कहा कि खेल और गीत के जरिए बच्चों को कोई बात समझाना आसान होता है. इसलिए वह कक्षा में बच्चों की पसंद के तरीकों का इस्तेमाल करती हैं.
2015 से शिक्षक, 2025 से प्रधान शिक्षिका
नवादा के मिर्जापुर निवासी निकिता भारती, मंजू कुमारी और अमरेंद्र नारायण वर्मा की बेटी हैं. मंजू कुमारी शिक्षिका हैं, पिता बिजनेस करते हैं. पति सुमन ग्रे भी शिक्षक हैं. निकिता का 2015 में शिक्षक के रूप में सफर शुरू हुआ. वर्ष 2015 से 2025 तक वह नगर मध्य विद्यालय, नवादा में कार्यरत रहीं. साल 2025 से प्राथमिक विद्यालय शाहपुर नहर में प्रधान शिक्षिका की जिम्मेदारी संभाल रही हैं.
सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने स्कूल में बेहतर शैक्षणिक माहौल बनाने और आधारभूत सुविधाओं के विकास पर काम किया. विद्यालय के अपने भवन के निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में भी उनकी भूमिका रही.
5 सितंबर को पटना में मिलेगा सम्मान
शिक्षा के क्षेत्र में किए गए काम, नवाचारपूर्ण शिक्षण और बच्चों के विकास के लिए किए गए प्रयासों को देखते हुए निकिता भारती का चयन राजकीय शिक्षक सम्मान 2026 के लिए किया गया है. बिहार के सभी 38 जिलों से एक-एक शिक्षक का चयन इस सम्मान के लिए हुआ है. 5 सितंबर को पटना में आयोजित समारोह में उन्हें सम्मानित किया जाएगा. उनके चयन से विद्यालय परिवार और जिले के शिक्षकों में खुशी है.
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