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दुनिया के टॉप 100 म्यूजियम में बिहार म्यूजियम को मिला 9वां स्थान, न्यूयॉर्क-पेरिस को भी पछाड़ा!

पटना के 'बिहार म्यूजियम' ने इतिहास रच दिया है. जर्मनी के प्रतिष्ठित ट्रैवल गाइड की 2026 की सूची में इसे दुनिया का 9वां सबसे बेहतरीन म्यूजियम चुना गया है. जानिए इसकी अनोखी कलाकृतियों की पूरी कहानी.

दुनिया के टॉप 100 म्यूजियम में बिहार म्यूजियम को मिला 9वां स्थान, न्यूयॉर्क-पेरिस को भी पछाड़ा!
यहां भगवान बुद्ध की 2000 साल पुरानी अद्भुत मूर्ति लगाई गई है.

Worlds 100 Best Museums List 2026 : बिहार और पूरे देश के लिए यह एक बेहद गौरवशाली और ऐतिहासिक क्षण है. क्योंकि 'बिहार म्यूजियम' ने विश्व स्तर पर भारत का नाम रोशन किया है. जर्मनी के प्रतिष्ठित ट्रैवल गाइड 'Worth a Journey' द्वारा जारी की गई साल 2026 के दुनिया के 100 सबसे बेहतरीन म्यूजियम की लिस्ट में बिहार म्यूजियम को दुनिया में 9वां स्थान मिला है. इसके साथ ही, यह ऐतिहासिक म्यूजियम पूरे एशिया में पहले पायदान पर काबिज हो गया है. सबसे खास बात यह है कि इस प्रतिष्ठित सूची में शामिल होने वाला यह देश का एकमात्र भारतीय म्यूजियम है. 

पेरिस और न्यूयार्क को भी पछाड़ा

आपको बता दें कि बिहार म्यूजियम ने दुनिया के सबसे प्रसिद्ध माने जाने वाले न्यूयॉर्क के 'मेट्रोपॉलिटन म्यूजियम ऑफ आर्ट' (10वीं रैंक) और पेरिस के प्रसिद्ध 'लूव्र म्यूजियम' (31वीं रैंक) को भी पीछे छोड़ दिया है.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का ड्रीम प्रोजेक्ट

पटना के बेली रोड पर हाई कोर्ट के ठीक बगल में स्थित यह विश्व स्तरीय म्यूजियम बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का  'ड्रीम प्रोजेक्ट' रहा है. उन्होंने साल 2015 में इस शानदार इमारत का उद्घाटन किया था. लगभग 13 एकड़ के हरे-भरे परिसर में फैले इस अनूठे म्यूजियम को करीब 500 करोड़ की लागत से आधुनिक आर्किटेक्चर और बिहार की प्राचीन विरासत को मिलाकर तैयार किया गया है.

4 लाख साल पुराने पत्थर और बुद्ध की 2000 साल पुरानी मूर्ति

यहां 'पॉटबेली' नाम का एक बेहद खूबसूरत रेस्टोरेंट, आर्ट गैलरी और ऐतिहासिक दीर्घाएं बनी हुई हैं. यहां 4 लाख साल पुराने प्राचीन पत्थरों के संग्रह से लेकर सिंधु घाटी सभ्यता और मौर्य काल की बेजोड़ ऐतिहासिक धरोहरें संरक्षित हैं.

इसके अलावा यहां भगवान बुद्ध की 2000 साल पुरानी अद्भुत मूर्ति लगाई गई है.

जैन धर्म के चौबीसवें तीर्थंकर भगवान महावीर और बिहार में जैन धर्म के विस्तार को दर्शाती विवरणी बेहद खूबसूरती से प्रदर्शित है.

दीदारगंज की प्रसिद्ध 'चामर-ग्राहिणी यक्षी' की मूर्ति इस संग्रहालय का मुख्य आकर्षण है.

इसके अलावा मिथिला पेंटिंग और यंत्रों के बेहद आकर्षक आधुनिक आर्ट स्ट्रक्चर भी हैं.

इस वैश्विक उपलब्धि पर देश के दिग्गज बिजनेसमैन आनंद महिंद्रा और नितिन नबीन सहित कई बड़ी राजनीतिक व सामाजिक हस्तियों ने बिहार की इस बेजोड़ कला और सांस्कृतिक संरक्षण की सराहना की है.

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