Career Options After 10th: ग्रामीण क्षेत्रों या मिडिल क्लास परिवारों के बच्चों के लिए ITI और पॉलिटेक्निक (Polytechnic) सबसे शानदार करियर ऑप्शन साबित होते हैं. इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि कम फीस और कम समय में इनमें सीधे सरकारी नौकरी (जैसे रेलवे लोको पायलट, टेक्नीशियन, राज्यों के बिजली बोर्ड में लाइनमैन या जूनियर इंजीनियर) पाने के सबसे ज्यादा मौके मिलते हैं. लेकिन इनके कोर्स ड्यूरेशन, योग्यता और पढ़ाई के तरीके में बड़ा अंतर होता है, जिसे समझना बेहद जरूरी है. क्योंकि तभी सही डिसीजन आप अपने करियर के लिए ले पाएंगे...
1. आईटीआई (ITI) क्या है और किसके लिए बेस्ट है?
आईटीआई एक पूरी तरह से प्रैक्टिकल ट्रेनिंग बेस्ड कोर्स है. इसका फोकस छात्रों को किसी खास ट्रेड में कुशल (Skilled) बनाकर सीधे इंडस्ट्री में काम के लिए तैयार करना है. इसमें थ्योरी की तुलना में हाथों-हाथ काम सीखने (Hands-on Practical) पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है.
एलिजिबिलिटी और ड्यूरेशन8वीं, 10वीं या 12वीं पास छात्र इसके लिए आवेदन कर सकते हैं. इसकी अवधि 6 महीने से लेकर 2 साल तक होती है.
कौन से ट्रेड्स हैं शामिलइसमें इंजीनियरिंग (जैसे फिटर, इलेक्ट्रीशियन, वेल्डर) और नॉन-इंजीनियरिंग (जैसे COPA- कंप्यूटर ऑपरेटर, स्टेनोग्राफी) ट्रेड्स शामिल हैं.
ITI Salary : सैलरी और स्कोपकोर्स पूरा होने के बाद रेलवे, बिजली बोर्ड, पीडब्ल्यूडी (PWD) और सेना जैसे सरकारी विभागों के साथ-साथ प्राइवेट फैक्ट्रियों में बंपर नौकरियां मिलती हैं. शुरुआती सैलरी अनुभव के आधार पर 12,000 से 35,000 प्रति माह तक हो सकती है.
2. पॉलिटेक्निक (Polytechnic): जूनियर इंजीनियर बनने का रास्ता
वहीं, पॉलिटेक्निक असल में एक 'Diploma in Engineering' कोर्स है. यह उन स्टूडेंट्स के लिए सबसे बेस्ट है जो इंजीनियरिंग की दुनिया में कदम रखना चाहते हैं लेकिन बीटेक (B.Tech) जितना लंबा समय और पैसा खर्च नहीं करना चाहते. इसमें टेक्निकल नॉलेज के साथ-साथ थ्योरी और प्रैक्टिकल का बैलेंस पढ़ाई कराई जाती है.
ड्यूरेशन10वीं के बाद यह 3 साल का होता है, जबकि 12वीं (साइंस) या आईटीआई के बाद लैटरल एंट्री के जरिए सीधे सेकंड ईयर (2 साल) में एडमिशन मिलता है.
करियर ऑप्शनइसे पूरा करने के बाद छात्र सरकारी या प्राइवेट सेक्टर में जूनियर इंजीनियर (JE) के पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं.
पॉलिटेक्निक (Polytechnic) करने के बाद Salary
जूनियर इंजीनियर की शुरुआती सैलरी लगभग 1.2 लाख से 4.2 लाख सलाना तक हो सकती है.
3. डिप्लोमा कोर्स (Diploma Course): शॉर्ट-टर्म और फोकस लर्निंग
जबकि डिप्लोमा कोर्स एक शॉर्ट-टर्म, पूरी तरह से स्किल-बेस्ड ट्रेनिंग प्रोग्राम है. यह कोर्स केवल इंजीनियरिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि पॉलिटेक्निक, आईटीआई, फार्मेसी, होटल मैनेजमेंट और कंप्यूटर जैसी कई फील्ड्स में उपलब्ध है.
किसके लिए है बेस्टयह उन छात्रों के लिए बेस्ट है जो बहुत कम समय में किसी खास विधा के एक्सपर्ट बनना चाहते हैं और जल्दी कमाई शुरू करना चाहते हैं. इसकी अवधि आमतौर पर 1 से 2 साल की होती है और यह सीधे तौर पर इंडस्ट्री की जरूरतों पर फोकस्ड होता है.
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