'जल्दी सुनवाई करें वर्ना बंद हो जाएगी एयरलाइंस'- SpiceJet पेंमेंट मुद्दे को लेकर पहुंचा सुप्रीम कोर्ट

180 करोड़ रुपये की बकाया राशि पर एक दशक के लंबे गतिरोध को खत्म करने के लिए स्पाइसजेट ने याचिका दायर की है. उसकी तरफ से मुकुल रोहतगी ने कहा था कि एयरलाइन स्पाइसजेट के समापन के संबंध में शुक्रवार को सुनवाई करें वरना एयरलाइन बंद हो जाएगी.

'जल्दी सुनवाई करें वर्ना बंद हो जाएगी एयरलाइंस'- SpiceJet पेंमेंट मुद्दे को लेकर पहुंचा सुप्रीम कोर्ट

SpiceJet बकाया विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

नई दिल्ली:

स्पाइसजेट एयरलाइंस (SpiceJet Airlines) भुगतान विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंची है. कंपनी ने शीर्ष अदालत से गुहार लगाई है कि मामले की जल्द से जल्द सुनवाई की जाए. याचिका में यहां तक कहा गया है कि अगर जल्द सुनवाई नहीं हुई, तो एयरलाइंस बैठ जाएगी. मसले पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट जल्द सुनवाई को तैयार हो गया है. प्रमुख न्यायाधीश एन वी रमना ने कहा कि कोर्ट 28 जनवरी को मामले की सुनवाई करेगी. दरअसल, स्पाइसजेट ने जल्द सुनवाई की मांग की थी. उसकी तरफ से मुकुल रोहतगी ने कहा था कि मामले की सुनवाई नहीं हुई तो एयरलाइन बंद हो जाएगी. उन्होंने कहा था कि एयरलाइन स्पाइसजेट के समापन के संबंध में शुक्रवार को सुनवाई करें वरना एयरलाइन बंद हो जाएगी.

क्या है पूरा मामला

स्विस वित्तीय सेवा कंपनी क्रेडिट सुइस AG द्वारा लगभग 180 करोड़ रुपये की बकाया राशि पर एक दशक के लंबे गतिरोध को खत्म करने के लिए स्पाइसजेट ने याचिका दायर की है. गुड़गांव स्थित स्पाइसजेट ने आखिरी बार दिसंबर 2019 में लाभ कमाया था. इस वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में घाटा एक साल पहले की तुलना में 561 करोड़ रुपये से अधिक हो गया. पिछले एक साल में स्टॉक में करीब 30 फीसदी की गिरावट आई है. एयरलाइन की निगेटिव नेटवर्थ  2014 की तुलना में करीब हो गई है. उस समय एयरलाइंस काम बंद करने वाली थी. 

ये भी पढ़ें -Air India-TATA Deal : इसी हफ्ते के अंत तक आखिरकार टाटा की हो जाएगी एयर इंडिया

7 दिसंबर, 2021 को मद्रास हाईकोर्ट  की एकल पीठ ने क्रेडिट सुइस एजी, स्विट्जरलैंड स्थित स्टॉक कॉरपोरेशन और एक लेनदार द्वारा दायर एक कंपनी याचिका पर स्पाइसजेट लिमिटेड को बंद करने का आदेश दिया था. हालांकि, इस आदेश को दो हफ्ते के लिए टाल दिया गया था.

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com

बाद में स्पाइसजेट ने डिवीजन बेंच में अपील की, जिसे 11 जनवरी को खंडपीठ ने खारिज कर दी. डिवीजन बेंच ने भी आदेश को 28 जनवरी तक के लिए टाल दिया.