MPC ने रेपो रेट स्थिर रखा, RBI ने GDP ग्रोथ का अनुमान घटाया.नई दिल्ली: रेपो दर चार प्रतिशत पर और रिवर्स रेपो दर 3.35 प्रतिशत पर बरकरार रखी गई है. यह लगातार छठी समीक्षा है जिसमें केंद्रीय बैंक ने अपनी एक दिन के उधार की ब्याज दर-रेपो में कोई बदलाव नहीं किया है. गवर्नर दास ने कहा कि आर्थिक सुधार के लिए नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है.आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने बताया कि कोरोना की दूसरी लहर के चलते पैदा हुए हालात को देखते हुए MPC ने Accommodative यानी उदार नीति बनाए रखने का फैसला किया है और अर्थव्यवस्था में सुधार को सपोर्ट करने के लिए ऐसा तब तक किया जाएगा, जब तक जरूरी होगा.उन्होंने बताया कि रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि के अनुमान को 10.5 प्रतिशत से घटा कर 9.5 प्रतिशत किया है. अप्रैल में आरबीआई ने 10.5 फीसदी का अनुमान रखते हुए इसे संभव बताया था, लेकिन कोरोना की दूसरी लहर ने अप्रैल-मई में देश में इतनी तबाही मचाई कि लगभग हर राज्य में लॉकडाउन या फिर ऐसे ही प्रतिबंधों का सहारा लेना पड़ा. ऐसे में फिर आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं.आरबीआई ने कोविड-19 की दूसरी लहर और उससे निपटने के लिए राज्यों में लगाये गये लॉकडाउन और कर्फ्यू के बीच चालू वित्त वर्ष 2021-22 की आर्थिक वृद्धि के अपने अनुमान को पहले के 10.5 प्रतिशत से घटा कर 9.5 प्रतिशत कर दिया. बैंक ने बताया कि वित्त वर्ष के लिए जहां जीडीपी अनुमान 9.5 फीसदी है, वहीं, पहली तिमाही के लिए 18.5%, दूसरी तिमाही के लिए 7.9%, तीसरी तिमाही के लिए 7.2% और चौथी तिमाही के लिए अनुमान 6.6% है.रिजर्व बैंक का अनुमान है कि खुदरा मुद्रास्फीति 2021-22 में 5.1 प्रतिशत रहेगी. समिति का अनुमान है कि मुद्रास्फीति में हाल में आई गिरावट से कुछ गुंजाइश बनी है, आर्थिक वृद्धि को पटरी पर लाने के लिये सभी तरफ से नीतिगत समर्थन की जरूरत है. गवर्नर ने बताया कि शहरी डिमांड में कमजोरी और ग्रामीण इलाकों में कोरोना के फैलाव के चलते जीडीपी ग्रोथ पर नकारात्मक असर देखने को मिल सकता है.आरबीआई 17 जून को 40 हजार करोड़ रुपये की सरकारी प्रतिभूतियों की खरीद करेगा साथ ही दूसरी तिमाही में 1.20 लाख करोड़ रुपये की प्रतिभूति खरीदी जाएंगी. रिजर्व बैंक गवर्नर ने कहा हमारा अनुमान है कि देश का विदेशी मुद्रा भंडार 600 अरब डालर से ऊपर निकल गया है. गवर्नर ने बताया कि दूसरी लहर के प्रभावों को कम करने के लिए आरबीआई इकोनॉमी और लिक्विडटी डालने का फैसला किया है. इसके लिए अलग से 15,000 करोड़ का लिक्विडिटी विंडो खोला जा रहा है. जिसके तहत बैंक होटल-रेस्टोरेंट, टूरिज्म सेक्टर वगैरह को उधार दे सकेंगे. यह योजना 31 मार्च, 2021 तक लागू रहेगी. इसके अलावा MSMEs को और सपोर्ट देने के लिए SIDBI को 16,000 करोड़ की लिक्विडिटी फैसलिटी दी जाएगी.यह भी पढ़ेंRBI-MPC मीटिंग के बाद घर खरीदारों को क्या सलाह दे रहे एक्सपर्ट्स, अभी होम लोन लेना सही रहेगा?बढ़ेगी आपके लोन की EMI, या कम होगी, RBI के आज के फैसले से होगा तय RBI MPC: क्या इस बार सस्ती होगी आपके होम-कार लोन की EMI? जानें क्या कह रहे हैं एक्सपर्ट्सListen to the latest songs, only on JioSaavn.comrbi monetary policyrbi monetary policy 2021Repo rateटिप्पणियांअलविदा 2023 : भारतीय शेयर बाजार में क्यों आया जबरदस्त उछाल?अलविदा 2023 : भारतीय शेयर बाजार में क्यों आया जबरदस्त उछाल?अन्य खबरेंआसान नहीं है राजघराने में रहना, ब्रुनेई के सुल्तान ने अपनी बहू को राजशाही से निकालाकीर्ति चक्र 2026: कौन थे जम्मू-कश्मीर पुलिस के वो चार जवान, जो आतंकियों से शेर की तरह लड़े?Dividend Stock: महारत्न कंपनियां HPCL और IOC बांट रहीं भारी डिविडेंड, जानें किस शेयर पर कितना होगा मुनाफापापा विधायक हैं हमारे... BJP MLA की बेटी ने लेडी SI को मारा थप्पड़, महिला आयोग ने SP से कहा- तुरंत एक्शन लोएक रसोई, 6 सास और 14 बहुएं! 83 लोगों के इस परिवार में एक वक्त के खाने में ही साफ हो जाते हैं 3 बकरे