इस सर्वे में शामिल पांच में से एक कर्मचारी ने बताया है कि वह मूनलाइटिंग ट्रेंड में रहना चाहता हैं.
दुनियाभर में मूनलाइटिंग लंबे समय से एक बड़ मुद्दा बना हुआ है. कोरोना महमारी के दौरान मूनलाइटिंग यानी एक कंपनी में फुल-टाइम जॉब के साथ ही दूसरी कंपनी में भी नौकरी करने का ट्रेंड काफी तेजी से बढ़ा है. खास तौर पर टेक इंडस्ट्री में आईटी प्रोफेशनल्स के वर्क फ्रॉम हॉम की वजह से इसका सबसे अधिक ट्रेंड देखा गया है. वहीं, इसको लेकर हाल में एक सर्वे किया गया है. जिसकी रिपोर्ट के अनुसार, देश में मूनलाइटिंग (Moonlighting) के बढ़ते ट्रेंड के बीच अधिकांश कर्मचारियों ने कहा है कि वह मौजूदा काम के साथ दूसरी नौकरी नहीं करना चाहते हैं.
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, ग्लोबल जॉब साइट इंडीड (Indeed) ने यह सर्वे रिपोर्ट जारी किया है. इस सर्वे में शामिल 81 फीसदी कर्मचारियों का कहना है कि वे मूनलाइटिंग में शामिल नहीं होना चाहते हैं और इसे अनैतिक मानते हैं. वहीं, इस सर्वे में शामिल पांच में से एक कर्मचारी (19 फीसदी) ने बताया है कि वह मूनलाइटिंग सही मानते हैं और इस ट्रेंड में रहना चाहते हैं.
यह रिपोर्ट वास्तव में जुलाई और सितंबर 2022 के बीच 1,281 नियोक्ताओं और 1,533 नौकरी की चाह रखने वालों और कर्मचारियों के बीच Valuvox द्वारा किए गए एक सर्वे पर आधारित है. इस सर्वे में भाग लेने वालों को शहरों के साथ ही बड़े, मध्यम और छोटे संगठनों और क्षेत्रों में बांटा गया है. इसके अलावा, रिपोर्ट से पता चला है कि कर्मचारियों के बीच नौकरी खोने का डर (37 फीसदी) मूनलाइटिंग की सबसे बड़ी वजहों में शामिल रहा. इसके बाद सप्लीमेंट्री इनकम (27 फीसदी) भी मूनलाइटिंग के शीर्ष कारणों में से एक रहा है.
हालांकि, इस ट्रेंड को लेकर नियोक्ताओं के बीच अलग-अलग सोच का पता चला है. इस सर्वे में भाग लेने वाले 31 फीसदी नियोक्ताओं का मानना था कि कर्मचारियों के बीच मूनलाइटिंग का ट्रेंड है, क्योंकि वे अपने काम में पर्याप्त रूप से व्यस्त नहीं हैं. वहीं, 23 फीसदी नियोक्ताओं ने कहा कि कर्मचारियों के पास दूसरी नौकरी के लिए पर्याप्त समय है.
इससे पहले कई आईटी सेक्टर के शीर्ष अधिकारी मूनलाइटिंग को अनैतिक करार दे चुके हैैं. कई आईटी कंपनियों ने मूनलाइटिंग करते पाए गए कर्मचारियों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया है. इस तरह की कार्रवाई करने वालों की सूची में इंफोसिस और विप्रो जैसी दिग्गज आईटी कंपनियां शामिल हैं.