सरकार ने सार्वजनिक उपक्रमों से खाली पदों की जानकारी मांगी, भर्ती की रुपरेखा भी बनाने को कहा

पीएसयू अधिकारी ने कहा कि इस साल दिसंबर तक चिन्हित की जाने वाली प्रवेश स्तर की रिक्तियों को अगले साल अगस्त-सितंबर तक भरे जाने का प्रस्ताव रखा गया है. उन्होंने कहा कि सरकारी संस्थानों में रिक्त पदों को भरने में समय लगता है. नियुक्तियां पारदर्शी तरीके से निर्दिष्ट दिशानिर्देशों का पालन करते हुए की जाती हैं. साथ ही पात्रता मानदंड तय करने वाले विज्ञापनों के आधार पर परीक्षण और साक्षात्कार आयोजित किए जाते हैं.

सरकार ने सार्वजनिक उपक्रमों से खाली पदों की जानकारी मांगी, भर्ती की रुपरेखा भी बनाने को कहा

नई दिल्ली:

सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के सभी उपक्रमों (पीएसयू) से रिक्त पदों का आंकड़ा मांगने के साथ ही उन पदों को भरने के लिए रूपरेखा तैयार करने को कहा है. सार्वजनिक क्षेत्र के एक उपक्रम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पीटीआई-भाषा को बताया कि सरकार ने प्रवेश स्तर के साथ-साथ वरिष्ठ स्तर पर भी खाली पड़ी रिक्तियों के संबंध में उपक्रमों से जानकारी मांगी है. सरकार की तरफ से यह कदम दरअसल विपक्षी दलों की तरफ से देश में बढ़ती बेरोजगारी पर जताए जा रहे विरोध के बीच उठाया गया है.

पीएसयू अधिकारी ने कहा कि इस साल दिसंबर तक चिन्हित की जाने वाली प्रवेश स्तर की रिक्तियों को अगले साल अगस्त-सितंबर तक भरे जाने का प्रस्ताव रखा गया है. उन्होंने कहा कि सरकारी संस्थानों में रिक्त पदों को भरने में समय लगता है. नियुक्तियां पारदर्शी तरीके से निर्दिष्ट दिशानिर्देशों का पालन करते हुए की जाती हैं. साथ ही पात्रता मानदंड तय करने वाले विज्ञापनों के आधार पर परीक्षण और साक्षात्कार आयोजित किए जाते हैं.

अधिकारी ने कहा कि देश भर के उम्मीदवारों के भर्ती प्रक्रिया में भाग लेने से इसके प्रत्येक चरण में समय लगता है. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2020-21 के अंत में 255 केंद्रीय सार्वजनिक उद्यम (सीपीएसई) काम कर रहे थे. इनमें से 177 सीपीएसई लाभ में चल रहे थे और वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान इन्होंने कुल 1.89 लाख करोड़ रुपये का लाभ कमाया था. 

वित्त मंत्रालय ने पिछले महीने इन संस्थाओं में रोजगार की स्थिति और उनकी मासिक भर्ती योजना की समीक्षा करने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और वित्तीय संस्थानों के प्रमुखों के साथ एक बैठक की थी. सार्वजनिक क्षेत्र के कई बैंकों ने भर्ती की प्रक्रिया शुरू भी कर दी है. देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई ने हाल ही में 1,673 प्रशिक्षु अधिकारियों (पीओ) की भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किए हैं.

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के कर्मचारियों की संख्या वित्त वर्ष 2012-13 में 8.86 लाख पर पहुंच गई थी. लेकिन वर्ष 2020-21 तक यह संख्या घटकर 7.80 लाख रह गई. बेरोजगारी को लेकर विपक्ष के हमलावर तेवरों को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गत जून में विभिन्न सरकारी संस्थानों एवं मंत्रालयों से कहा था कि उन्हें अगले डेढ़ साल में 10 लाख भर्तियां करने के लिए 'मिशन मोड' में काम करना होगा. 

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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)