नई दिल्ली: प्याज का सीजन नहीं होने के दौरान इसके मूल्य में होने वाली वृद्धि की स्थिति में बाजार हस्तक्षेप की तैयारी की दृष्टि से प्याज का बफर स्टॉक बनाने के लिए सरकार किसानों से 15,000 टन प्याज की खरीद करेगी।
उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि प्याज की खरीद अगले महीने से शुरू होगी।
पिछले वर्ष प्याज की खुदरा कीमतें करीब 80-90 रुपये प्रति किलो की ऊंचाई पर जा पहुंची थीं। प्याज की कीमतों में भारी वृद्धि की स्थिति ने सरकार को इसकी आपूर्ति बढ़ाने के लिए घरेलू के साथ-साथ विदेशी बाजारों से प्याज खरीदने को बाध्य कर दिया था।
उपभोक्ता मामलों के सचिव सी विश्वनाथ ने यहां कहा कि 'हमने महाराष्ट्र के लासालगांव से अगले महीने से 15,000 टन प्याज खरीदने का फैसला किया है।' उन्होंने कहा, नाफेड और एसएफएसी जैसी नोडल एजेंसियां प्याज की खरीद करेंगी। इस स्टॉक को लासालगांव में रखा जाएगा। अगर देश के किसी भी हिस्से में कीमतों में कोई वृद्धि होती है तो सरकार बाजार में हस्तक्षेप करेगी। इस उद्देश्य के लिए मूल्य स्थिरीकरण कोष का इस्तेमाल किया जाएगा।'