सबसे बड़ी स्पेक्ट्रम नीलामी को कैबिनेट ने दी हरी झंडी

नई दिल्ली:

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अब तक की सबसे बड़ी दूरसंचार स्पेक्ट्रम नीलामी को आज मंजूरी दे दी। यह नीलामी अगले महीने शुरू होगी और इससे सरकार को 64,840 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है।

आधिकारिक बयान के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इसे मंजूरी दी गई।

इसके अनुसार मंत्रिमंडल ने 2जी बैंड के अखिल भारतीय स्तर के लिए आरक्षित मूल्य '800 मेगाहर्ट्ज बैंड में 3646 करोड़ रुपये प्रति मेगाहर्ट्ज, 900 मेगाहर्ट्ज बैंड में 3980 करोड़ रुपये (दिल्ली, मुंबई, कोलकाता व जम्मू कश्मीर के अलावा शेष भारत के लिए) तथा 1800 मेगाहर्ट्ज बैंड में 2191 करोड़ रुपये (महाराष्ट्र व पश्चिम बंगाल को छोड़कर)' को मंजूरी दी है।

सरकार ने 2100 मेगाहर्ट्ज बैंड के लिए आरक्षित मूल्य की घोषणा आज नहीं की।

सरकार को पिछले साल फरवरी में हुई नीलामी से लगभग 62,162 करोड़ रुपये मिले थे। इस नीलामी से सरकार को अपने राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी। दूरसंचार विभाग के अनुमानित कार्य्रकम के अनुसार नीलामी 23 फरवरी को शुरू होगी।

दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि सरकार 2100 मेगाहर्ट्ज में थ्रीजी की नीलामी भी साथ ही करना चाहती है। उन्होंने कहा, 'पिछले कई सालों से रक्षा क्षेत्र से मिला पांच मेगाहर्ट्ज (2100 मेगाहर्ट्ज) लंबित था। हम इसे पाने में सफल रहे हैं।'

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बयान में कहा गया है कि इस नीलामी से सरकारी खजाने को 64,840 करोड़ रुपये की आय होने का अनुमान है। इसमें 2100 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम से होने वाली आय शामिल नहीं है। इसमें से इस वित्त वर्ष में 16,000 करोड़ रुपये की प्राप्ति होने की उम्मीद है।