फ्लिपकार्ट के सह-संस्थापक सचिन बंसल ने किया चौंकाने वाला खुलासा...
खास बातें
- 300 अंडर-परफॉर्मर कर्मियों को हटाने की बात पर सचिन ने बात की
- कहा, मुझे भी सीईओ पद से हटाया गया
- 10 हजार रुपए से शुरू की थी सचिन ने फ्लिपकार्ट कंपनी
बेंगलुरु: पिछले महीने फ्लिपकार्ट ने पुष्टि की थी कि वह अंडर-परफॉर्म करने वाले अपने कर्मियों को नौकरी से निकाल देगी. अब फ्लिपकार्ट के सह संस्थापक सचिन बंसल ने खुलासा किया है कि परफॉर्मेंस कारणों का हवाला देकर उन्हें सीईओ के पद से हटाया गया था. अपने कर्मियों को उन्होंने भरोसा दिलाया है कि सभी को समान मापदंडों के आधार पर जज किया जा रहा है.
सचिन बंसल ने यह खुलासा बेंगलुरु में कंपनी की टाउन हॉल मीटिंग के दौरान किया है. देश की सबसे बड़ी ई कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट ने पिछले ही महीने 300 कर्मियों को हटाने की बात कही थी. इस फेहरिस्त में वे लोग शामिल किए जाने बताए गए जिन्हें नॉन-परफॉर्मर माना गया. इसके बाद से कर्मियों के बीच तनाव और सवाल कायम थे.
फ्लिपकार्ट के स्पोक्सपर्सन ने एनडीटीवी से बंसल की स्टेटमेंट के बाबत कहा- टाउनहॉल में कोई भी शख्स कैसा भी सवाल पूछ सकता है, किसी भी मौजूदा नियम पर सवाल उठा सकता है और नेतृत्व को कारोबार व सांगठनिक पैमानों के लिए जिम्मेदार ठहरा सकता है.
बता दें कि सचिन बंसल को जनवरी में सीईओ पद से हटा दिया गया था और उनकी जगह बिन्नी बंसल को यह पद दिया गया था. बिन्नी बंसल को कंपनी के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर के पद से प्रमोट करके सीईओ बनाया गया था. दोनों ही एमेजॉन के कर्मी रह चुके हैं. दिलचस्प है कि सचिन बंसल और बिन्नी बंसल रिश्तेदार नहीं हैं, जैसा कि लोगों को लगता है.
कुछ बातें सचिन बंसल के बारे में...
महज 8 साल में सचिन की कंपनी फ्लिपकार्ट ने फर्श से अर्श तक का सफर तय किया. फ़्लिपकार्ट की शुरुआत सिर्फ 10 हजार रुपए से हुई थी. यही कंपनी अब 1 अरब डॉलर यानी 6100 करोड़ रुपए तक पहुंच चुकी है. इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी दिल्ली से पढ़ाने करने वाले सचिन ने फ्लिपकार्ट की शुरुआत करने से पहले विश्व की सबसे बड़ी ऑनलाइन कंपनी एमेजॉन डॉट कॉम के साथ काम किया था. बाद में अपने दोस्त बिन्नी बंसल के साथ भारत में ई-कॉमर्स साइट शुरू करने की सोची.
सचिन ने अपनी कंपनी की शुरुआत बेंगलुरु से की थी. शुरुआती दिनों में वह स्कूटर से अपने ग्राहकों को सामान की डिलीवरी किया करते थे. बड़े-बड़े बुक स्टॉल के पास खड़े होकर फ्लिपकार्ट के बुकमार्क्स आने-जाने वाले लोगों को बांटा करते थे. बाद में कंपनी ने इलेक्ट्रॉनिक, लाइफ़ स्टाइल जैसे अन्य क्षेत्र में भी हाथ आजमाए.