यह ख़बर 05 अप्रैल, 2013 को प्रकाशित हुई थी

दिल्ली, दतिया गैंगरेप मामलों से विदेशी पर्यटकों की संख्या घटी

खास बातें

  • दिल्ली में अपने देश की बेटी के साथ और मध्य प्रदेश के दतिया में स्विटजरलैंड की युवती के साथ हुई सामूहिक बलात्कार की घटनाओं ने विदेशी पर्यटकों को काफी डरा दिया है, जिस कारण बीते तीन माह में विदेशी पर्यटकों की संख्या में 25 फीसदी की गिरावट आई है।
भोपाल:

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अपने देश की बेटी के साथ और मध्य प्रदेश के दतिया में स्विटजरलैंड की युवती के साथ हुई सामूहिक बलात्कार की घटनाओं ने विदेशी पर्यटकों को डरा दिया है।

यही कारण है कि बीते तीन माह में भारत आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या में 25 प्रतिशत की गिरावट आई है। यह खुलासा एसोचैम सोशल डेवलपमेंट फाउंडेशन (एएसडीएफ) द्वारा कराए गए सर्वेक्षण से हुआ है। दूसरी ओर केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय ने इसी अवधि में विदेशी पर्यटकों की संख्या में 2.3 प्रतिशत की वृद्धि होने का दावा किया है।

एएसडीएफ के सर्वेक्षण के मुताबिक दिल्ली और मध्य प्रदेश के दतिया में हुए सामूहिक बलात्कार और दक्षिण कोरिया की छात्रा से बांधवगढ़ के एक होटल में कर्मचारी द्वारा बलात्कार की घटना ने सिर्फ राजधानी दिल्ली व आसपास के क्षेत्र में ही नहीं, पूरे देश के पर्यटन उद्योग पर असर डाला है।

देश के विभिन्न शहरों के लगभग 1,200 टूर ऑपरेटरों के बीच किए गए सर्वेक्षण में पता चला है कि पर्यटकों की संख्या में 25 प्रतिशत की गिरावट आई है। इसकी मुख्य वजह सलामती, सुरक्षा (सेफ्टी और सिक्युरिटी) के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में छाई आर्थिक मंदी बताई गई है।

एएसडीएफ द्वारा बीते तीन माह में आने वाले विदेशी पर्यटकों की स्थिति को लेकर कराए गए सर्वेक्षण में पता चला है कि पर्यटकों की संख्या में गिरावट आने की वजह सुरक्षा के स्तर में गिरावट आना और कई देशों द्वारा अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी कर भारत का प्रवास न करने का परामर्श दिया जाना भी है।

एसोचैम की वेबसाइट पर उपलब्ध संस्था के सेक्रेटी जनरल डीएस रावत के बयान के मुताबिक इस सर्वेक्षण से पता चला है कि दिसंबर, 2012 से अब तक महिला पर्यटकों की तादाद में 35 प्रतिशत और कुल पर्यटकों की संख्या में 25 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। बीते वर्ष सर्दी के मौसम में लगभग छह लाख विदेशी पर्यटकों ने भारत के विभिन्न स्थलों का प्रवास किया था, मगर इस वर्ष इसमें गिरावट आई है और इसका असर महाकुंभ पर भी पड़ा।

देश में दिसंबर से मार्च तक का समय पर्यटन कारोबारियों के लिए काफी अहम होता है, क्योंकि इन तीन माह में बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक आते हैं। लगभग 72 प्रतिशत टूर ऑपरेटरों ने कहा है कि इस अवधि में आने वाले जिन पर्यटकों ने अपना प्रवास रद्द कराया है, उनमें अधिकांश महिलाएं हैं। ये महिला पर्यटक अमेरिका, इंग्लैड, कनाडा व ऑस्ट्रेलिया आदि देशों की हैं। जिन पर्यटकों ने अपना भारत प्रवास रद्द कराया है, उनमें से कई ने अपने ई-मेल में सुरक्षा और इस वर्ष भारत आने के मन में बदलाव का हवाला दिया है।

समाचार पत्र 'वॉल स्ट्रीट जर्नल' में भी इसी तरह का एक सर्वेक्षण कराया है, जिसमें 76 प्रतिशत लोगों ने कहा है कि महिला पर्यटकों के लिए भारत सुरक्षित नहीं है। विदेशी पर्यटकों की संख्या में गिरावट की रिपोर्ट आने के बाद केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय ने दिल्ली में सफाई दी है।

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केंद्रीय पर्यटन सचिव परवेज दीवान ने गुरुवार को एक कार्यक्रम में साफ किया कि इस वर्ष के शुरुआती तीन माह में विदेशी पर्यटकों की संख्या में 2.3 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। अकेले मार्च में ही विदेशी पर्यटकों का आंकड़ा 2.6 फीसदी बढ़ा है। इस इजाफे के चलते पर्यटन से होने वाली विदेशी पूंजी की आय में 20.5 फीसदी व डॉलर में 11.6 फीसदी की वृद्धि हुई है।