वेडिंग सीजन शुरू हो गया है. वहीं आने वाले दिनों में शादियों के खूब सारे वीडियो सोशल मीडिया पर देखने को मिलेंगे और लोग शादी के गानों का इस्तेमाल अपनी वीडियो और तस्वीरों को पोस्ट करने के लिए करेंगे. इसी के चलते हम आपको एक 44 साल पुराने गाने के बारे में बताने वाले हैं, जिसे ससुराल जाने वाली बेटियां सुनकर इमोशनल हो जाएंगी और रोने लगेंगी. इस फिल्म ने सिल्वर जुबली कम्पलीट की थी. वहीं 17 साल की पद्मिनी कोल्हापुरे ने बेस्ट एक्ट्रेस का फिल्म फेयर अपने नाम किया था. जबकि लता मंगेशकर के सदाबहार गानों में यह शामिल हो गया था.
लता मंगेशकर का 44 साल पुराना गाना
हम 1982 में आई फिल्म प्रेम रोग की बात कर रहे हैं, जिसमें गाना ये गलियां ये चौबारा आज 44 साल बाद भी लोगों की जुबां पर रहता है. इस गाने को लता मंगेशकर ने आवाज दी थी. जबकि लक्ष्मीकांत प्यारेलाल ने कंपोज किया था और संतोष आनंद ने लिरिक्स लिखे थे.
ये गलियां ये चौबारा के लिरिक्स
यह गलियां यह चौबारा
यहां आना न दोबारा
अब हम तो भये परदेसी
के तेरा यहां कोई नहीं
लेजा रंग बिरंगी यादें
हसने रोने की बुनियादें
अब हम तो भये परदेसी
के तेरा यहां कोई नहीं
के तेरा यहां कोई नहीं
मेरे हाथों में भरी भरी चूडियां
मुझे भा गयी हरी हरी चूड़ियां
देख मिलती हैं तेरी मेरी चूड़ियां
तेरे जैसी सहेली मेरे चूडियां
तूने पीसी वह मेहंदी रंग लायी
मेरी गोरी हथेली रच आयी
तेरी आंख क्यूं लाडो भर आयी
तेरे घर पे बजेगी शहनाई
सावन में बादल से कहना
परदेस में हैं मेरी बहना
प्रेम रोग के 6 पॉपुलर गाने
प्रेम रोग सिल्वर जुबली फिल्म थी, जिसे राज कपूर की हिट फिल्मों की लिस्ट में गिना जाता है. इसमें पद्मिनी कोल्हापुरे के साथ ऋषि कपूर लीड रोल में नजर आए थे. इसके गाने 1980 के दशक के बेस्ट सेलिंग गानों में शामिल थे. इसमें भंवरे ने खिलाया फूल, मैं हूं प्रेम रोगी, मेरी किस्मत में तू नहीं शायद, मौहब्बत है क्या चीज, ये प्यार था या कुछ और था और ये गलियां ये चौबारा शामिल है, जिसे लता मंगेशकर, सुरेश वाडकर, सुधा मल्होत्रा, अनवर ने आवाज दी.
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