सोचिए, सामने एक विशाल पहाड़ हो और आपके पास न कोई मशीन हो, न मजदूरों की टीम और न ही कोई मॉर्डन एक्विपमेंट. सिर्फ हथौड़ी, छेनी और एक जिद कि रास्ता बनाकर ही दम लेना है. सुनने में किसी फिल्म की कहानी लगती है, लेकिन ये हकीकत थी. एक आम मजदूर ने अपने दम पर पहाड़ को काटकर ऐसा रास्ता बना दिया. जिसकी मिसाल आज भी दी जाती है. उनकी इसी हैरान कर देने वाली कहानी को पर्दे पर उतारा गया था.
जब नवाजुद्दीन बने काट दिया पहाड़
21 अगस्त 2015 को रिलीज हुई ‘मांझी- द माउंटेन मैन' में नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने बिहार के दशरथ मांझी का किरदार निभाया था. फिल्म का निर्देशन केतन मेहता ने किया था और राधिका आप्टे ने दशरथ मांझी की पत्नी फगुनिया का रोल निभाया था. फिल्म की कहानी जितनी दिलचस्प है, उसकी असली घटना उससे भी ज्यादा चौंकाने वाली है. दशरथ मांझी बिहार के गया के पास गेहलौर गांव में रहते थे और मजदूरी करते थे. गांव से अस्पताल और दूसरी जरूरी जगहों तक पहुंचने के लिए लोगों को पहाड़ का लंबा चक्कर लगाना पड़ता था. एक हादसे के बाद मांझी ने ठान लिया कि अब वह इस पहाड़ को ही रास्ते से हटा देंगे. इसके बाद शुरू हुआ उनका ऐसा संघर्ष, जिसे सुनकर आज भी हैरानी होती है. मांझी करीब 22 साल तक अकेले हथौड़ी और छेनी चलाते रहे. उन्होंने करीब 25 फुट ऊंचे पहाड़ को काटकर 110 मीटर लंबा और 9.1 मीटर चौड़ा रास्ता बना दिया.
पत्नी से जुड़ी थी इस जिद की सबसे बड़ी वजह
दशरथ मांझी की इस कहानी के पीछे सिर्फ जिद नहीं, बल्कि अपनी पत्नी के लिए गहरा प्यार भी था. उनकी पत्नी फगुनिया पहाड़ पार करते समय हादसे का शिकार हुई थीं. इस घटना ने मांझी को अंदर तक झकझोर दिया. उन्होंने तय किया कि गांव के लोगों को आगे से ऐसी मुश्किल का सामना न करना पड़े. बस फिर क्या था, उन्होंने हथौड़ी और छेनी उठाई और पहाड़ पर टूट पड़े. दिन बीतते गए, साल गुजरते गए, लेकिन उनका इरादा नहीं बदला. आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और पहाड़ के बीच से रास्ता निकल आया. इसी काम की वजह से उन्हें ‘माउंटेन मैन' कहा गया.
फिल्म में नवाजुद्दीन ने मांझी के दर्द, गुस्से और जुनून को पर्दे पर उतारा. रिलीज से पहले फिल्म की कॉपी ऑनलाइन लीक होने की खबर भी सामने आई थी. वहीं बिहार सरकार ने फिल्म को रिलीज से पहले ही टैक्स फ्री घोषित कर दिया था.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं