1954 में आई फिल्म ‘नागिन' का गाना ‘मन डोले मेरा तन डोले' आज 72 साल बाद भी हिंदी सिनेमा के सबसे पहचानने योग्य गानों में शामिल है. लता मंगेशकर की आवाज, राजेंद्र कृष्ण के बोल और हेमंत कुमार के संगीत ने इस गाने को यादगार बनाया, लेकिन इसकी सबसे बड़ी पहचान बनी वह मशहूर ‘बीन' की धुन, जिस पर वैजयंतीमाला का नागिन जैसा डांस आज भी लोगों को याद है. दिलचस्प बात यह है कि फिल्म में सुनाई देने वाली यह धुन असली सपेरे की बीन से नहीं, बल्कि एक इलेक्ट्रॉनिक वाद्य यंत्र से तैयार की गई थी. यही धुन आगे चलकर बारातों के ‘नागिन डांस' की पहचान तक बन गई.
वैजयंतीमाला के डांस ने गाने को बनाया खास
‘मन डोले मेरा तन डोले' में वैजयंतीमाला और प्रदीप कुमार नजर आए थे. फिल्म की कहानी अलग-अलग जनजातीय समूहों से जुड़े दो सांप पकड़ने वालों की प्रेम कहानी के इर्द-गिर्द घूमती है. वैजयंतीमाला के डांस को फिल्म की खासियत माना गया और उनके लचीले अंदाज ने गाने को अलग पहचान दी. इंडियन सिनेमा के अनुसार फिल्म के डांस सीक्वेंस सचिन शंकर, योगेंद्र देसाई और हीरालाल ने कोरियोग्राफ किए थे. गाने को लता मंगेशकर ने आवाज दी, जबकि इसके बोल राजेंद्र कृष्ण ने लिखे और संगीत हेमंत कुमार ने दिया था. Saregama के रिकॉर्ड में भी इन्हीं क्रेडिट्स की पुष्टि होती है.
असली बीन नहीं, इस यंत्र से बनी थी मशहूर धुन
इस गाने का सबसे बड़ा ट्रिविया इसकी बीन धुन से जुड़ा है. आम धारणा है कि इसे किसी सपेरे की बीन से रिकॉर्ड किया गया था, लेकिन ऐसा नहीं था. ‘नागिन' के संगीतकार हेमंत कुमार के सहायक कल्याणजी ने एक इलेक्ट्रॉनिक वाद्य यंत्र क्लावायोलिन की मदद से यह धुन तैयार की थी. एक न्यूज पोर्टल से बातचीत में आनंदजी ने बताया था कि कल्याणजी लंदन से यह नया वाद्य यंत्र लेकर आए थे. इसकी अलग-अलग ध्वनियों की मदद से उन्होंने बीन जैसी आवाज तैयार की. इस प्रयोग ने फिल्म संगीत में एक ऐसी धुन को जन्म दिया, जिसकी नकल और इस्तेमाल बाद की कई फिल्मों और लोकप्रिय प्रस्तुतियों में हुआ.
1954 में ‘नागिन' बनी थी बॉक्स ऑफिस की सबसे बड़ी हिट
‘मन डोले मेरा तन डोले' सिर्फ लोकप्रिय गाना नहीं रहा, बल्कि ‘नागिन' की सफलता का भी अहम हिस्सा बना. फिल्म का निर्देशन नंदलाल जसवंतलाल ने किया था और इसमें वैजयंतीमाला, प्रदीप कुमार, जीवन, आई.एस. जौहर, मुबारक और अन्य कलाकार थे. उपलब्ध फिल्म इतिहास रिकॉर्ड्स के मुताबिक ‘नागिन' 1954 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म थी और इसे ब्लॉकबस्टर माना गया.
गाने की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि यह 1954 की वार्षिक बिनाका गीतमाला सूची में दूसरे स्थान पर रहा. समय के साथ इसकी बीन धुन इतनी मशहूर हुई कि शादी-ब्याह और बारातों में किया जाने वाला ‘नागिन डांस' इससे जुड़ गया. यानी 72 साल पहले पर्दे पर वैजयंतीमाला के साथ शुरू हुआ यह डांस, बाद में भारतीय शादियों की एक अलग ही पहचान बन गया.
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