बॉलीवुड की दिग्गज एक्ट्रेस शबाना आजमी की एक फिल्म ऐसी भी है जिसने रिलीज के बाद पहले हफ्ते में थिएटर्स खाली छोड़ दिए थे. लेकिन कुछ दिनों बाद वही फिल्म सुपरहिट बन गई और आज भी हिंदी सिनेमा की यादगार फिल्मों में गिनी जाती है. यह कहानी है 1983 में आई फिल्म मासूम की. यह फिल्म मशहूर निर्देशक शेखर कपूर की पहली डायरेक्टोरियल फिल्म थी. इसमें शबाना आजमी और नसीरुद्दीन शाह ने मुख्य भूमिकाएं निभाई थीं. परिवारिक भावनाओं पर आधारित इस ड्रामा ने दर्शकों के दिल को छू लिया, लेकिन शुरुआत में स्थिति बिल्कुल अलग थी.
सिनेमाघरों से उतराने वाले थे फिल्म
शेखर कपूर ने एक इंटरव्यू में बताया था कि वे अपनी पहली फिल्म को लेकर काफी एक्साइटेड थे. उन्होंने टिकट ब्लैक करने वालों को अतिरिक्त टिकट खरीदने को कहा और वितरकों से भी बड़ी तैयारी करने का अनुरोध किया. लेकिन नतीजा उल्टा निकला. पहले दिन कोई दर्शक थिएटर नहीं पहुंचा. छह दिन तक सिनेमाघर खाली रहे.
वितरकों के फोन आने लगे और उन्होंने फिल्म उतारने की बात कही. लेकिन सातवें दिन स्थिति बदल गई. लोग थिएटर्स की तरफ आने लगे. दूसरे वीकेंड में शोज हाउसफुल हो गए. इस तरह पहले हफ्ते फ्लॉप मानी जा रही फिल्म ने चमत्कारी वापसी की और बड़ी सफलता हासिल की.
शबाना आजमी और नसीरुद्दीन शाह को मिली पहचान
मासूम ने न सिर्फ शेखर कपूर के करियर की शुरुआत मजबूत की, बल्कि शबाना आजमी और नसीरुद्दीन शाह के एक्टिंग को भी नई पहचान दी. फिल्म की कहानी, भावनाएं और संगीत ने दर्शकों को जोड़ा. आज भी यह फिल्म क्लासिक मानी जाती है.
शेखर कपूर बाद में मिस्टर इंडिया और बैंडिट क्वीन जैसी फिल्मों से भी मशहूर हुए. लेकिन मासूम उनका पहला बड़ा कदम था, जिसने साबित किया कि अच्छी कहानी समय के साथ अपनी जगह बना ही लेती है.
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