विज्ञापन

टूटते सपने, बिखरता प्यार और फिर उम्मीद की नई सुबह, ‘वो सुबह हम ही से आएगी’ दिखाती है संघर्ष से सफलता तक का सफर

युवाओं के लिए इसकी कहानी प्रासंगिक है. करियर, रिश्तों और खुद को संभालने के बीच संतुलन बनाना आसान नहीं होता और यह नाटक उसी संघर्ष को बहुत मानवीय तरीके से सामने रखता है.

टूटते सपने, बिखरता प्यार और फिर उम्मीद की नई सुबह, ‘वो सुबह हम ही से आएगी’ दिखाती है संघर्ष से सफलता तक का सफर
एक नाटक में नजर आते हैं जिंदगी के कई पहलु
Social Media
नई दिल्ली:

थिएटर को शायद इसलिए सबसे ईमानदार माध्यम कहा जाता है क्योंकि यहां न रीटेक होता है, न एडिटिंग और न ही तकनीक किसी कमी को छिपा सकती है. कलाकार और दर्शक आमने-सामने होते हैं और कहानी उसी पल सांस लेती है. 25 अगस्त को दिल्ली के श्री राम सेंटर में मंचित ‘वो सुबह हम ही से आएगी' ने इसी लाइव अनुभव को बेहद करीब से महसूस कराया. महेश भट्ट द्वारा प्रस्तुत इस नाटक का निर्देशन तारीक हामिद ने किया है और लेखन दिनेश गौतम का है. करीब डेढ़ घंटे का यह नाटक 1990 के दशक की पृष्ठभूमि में एक ऐसे युवा अजय कुमार की कहानी कहता है, जो बिहार से दिल्ली IAS बनने का सपना लेकर आता है.

कहानी सिर्फ IAS बनने की नहीं, खुद को संभालने की है

अजय का संघर्ष सिर्फ पढ़ाई और परीक्षा तक सीमित नहीं है. वह अकेला है, किराए के कमरे में रहता है, कम बोलता है और कई बार खुद को कम कॉंफिडेंट महसूस करता है. किताबों की दुनिया से बाहर की जिंदगी से उसका परिचय भी बहुत ज्यादा नहीं है. इसी बीच उसे अपने मकान मालिक की बेटी से प्यार हो जाता है. लेकिन जब वह अपने प्यार का इजहार करता है, उसी समय उसे पता चलता है कि वह लंदन जा रही है.

अजय के लिए यह सिर्फ प्रेम का टूटना नहीं है. उसके जीवन में मौजूद एक और सहारा उससे दूर हो जाता है. लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती. इसी टूटन के बाद वह धीरे-धीरे महसूस करता है कि अब उसके सामने अपने माता-पिता का सपना पूरा करने के अलावा कुछ नहीं बचा है.
फिर शुरू होती है असली लड़ाई असफलताओं, अकेलेपन और टूटते self-belief के बीच खुद को संभालना.

इमरान जाहिद ने अजय को पूरी शिद्दत से निभाया

अजय कुमार के किरदार में इमरान जाहिद मजबूत नजर आते हैं. करीब 15 वर्षों के एक्टिंग अनुभव का असर उनकी प्रस्तुति में दिखाई देता है. अजय की झिझक, अकेलापन, कम कॉन्फिडेंस और फिर अपने लक्ष्य की तरफ लौटने की कोशिश को उन्होंने सहजता से निभाया है.
उनका किरदार इसलिए भी आपको खुद से जोड़ता है, क्योंकि वह कोई असाधारण सुपरहीरो नहीं है. वह एक सामान्य युवा है, जो टूट जाता है, खुद पर शक करता है और फिर खुद को समझाकर आगे बढ़ता है.

एंकर से शुरुआत, बाकी किरदारों ने भी छोड़ी छाप

नाटक की शुरुआत एक एंकर के किरदार से होती है जो कहानी के लिए माहौल तैयार करती है. नाटक की दूसरी मुख्य कलाकार साक्षी सिंह के लिए यह थिएटर की यात्रा की शुरुआत है, लेकिन मंच पर उनकी मौजूदगी देखकर ऐसा नहीं लगता कि वह पहली बार इस दुनिया में आई हैं. उन्होंने अपने किरदार में पूरी ऊर्जा और भावनात्मक गहराई दिखाई है. उन्होंने हर जगह अजय का साथ दिया है, वो अपने घर की जिम्मेदार बेटी जिसकी मां नहीं है और अब भाई और पिताजी की जिम्मेदारी वो अकेले ही उठा रही है. उनके किरदार का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा कहानी के अंत में सामने आता है, जब एक चिट्ठी पूरी कहानी को एक नया अर्थ देती है.

वहीं मकान मालिक के किरदार में नजर आने वाले कलाकार की एक्टिंग भी खास तौर पर प्रभाव छोड़ती है. उनका किरदार कई जगहों पर कहानी में सहज हास्य लेकर आता है. अजय और कविता का रेस्टोरेंट में जाना और वेटर के साथ होने वाला दृश्य दर्शकों को हंसने का मौका देते हैं.
छोटे भाई के किरदार में नजर आने वाले बबलू ने भी अपनी भूमिका अच्छे आत्मविश्वास के साथ निभाई है.

खास बात यह है कि लगभग हर सीन के बाद दर्शकों की तालियां सुनाई देती हैं. इससे साफ महसूस होता है कि कलाकारों की मेहनत और रिहर्सल मंच पर दिखाई दे रही हैं. दिनेश गौतम का लेखन कहानी को सहज बनाता है. लेखक दिनेश गौतम टीवी पत्रकार होने के साथ playwright भी हैं. इस नाटक में उनकी राइटिंग की सबसे अच्छी बात इसकी सहजता है. संवाद बहुत ज्यादा थिएट्रिकल नहीं लगता और सभी कलाकारों की बातचीत आम जिंदगी के करीब लगती है. कहानी भी शुरू से अंत तक दर्शकों को बांधे रखती है. हालांकि कुछ दृश्यों के दौरान पर्दे के गिरने और दोबारा उठने के बीच थोड़ी एनर्जी कम महसूस होती है. यह कमी हर ट्रांजिशन में नहीं है, लेकिन कुछ जगहों पर कहानी की रफ्तार को और बेहतर किया जा सकता है.

तारीक हामिद का निर्देशन और 90s का माहौल

तारीक हामिद का निर्देशन कहानी की गति को बनाए रखता है और आपको 90s के दशक की याद दिला देगा. सेट डिजाइन भी नाटक की एक विशेषता है. घर की बात की जाये, पुराने समय की छत और हाथ से एंटीना हिलाकर सिग्नल बुलाने की बात की जाये, साथ अजय का कमरा, पुराना रेडियो, 90s का फर्नीचर, कमरे में रखे सत्तू और प्याज और उसी दौर का कास्ट्यूम डिजाइन आपको उस समय में ले जाते हैं.

अनु मलिक का संगीत भावनाओं के साथ चलता है

नाटक का  म्यूजिक अनु मलिक का है और इसका इस्तेमाल कहानी के सभी अलग अलग पहलुओं के साथ शिफ्ट किया गया है. हालांकि यह म्यूजिक कहानी पर हावी नहीं होता, बल्कि उसके नाटक में दिखाए जाने वाले सभी दृश्यों को सहारा भी देता है.

ये Video भी देखें: बिग बॉस में जा रही हैं रिया अहीर

सबसे असरदार हिस्सा - एक चिट्ठी और सबसे बड़ा त्याग

पूरे नाटक का दिल को छू लेने वाला सबसे बड़ा हिस्सा वह है जब अंत में शुरुआती इंटरव्यू सीक्वेंस फिर सामने आता है और अजय कुमार की पूरी जर्नी को एक नए नजरिए से देखने के बाद साक्षी के किरदार के जरिए सामने आने वाली वह चिट्ठी और उसके बाद उसका फैसला कहानी को भावनात्मक ऊंचाई देता है. यहां प्रेम किसी को पाने का नाम नहीं रह जाता. किसी के सपने के लिए पीछे हट जाना भी प्रेम का एक रूप बन जाता है.

वो सुबह हम ही से आएगी' क्यों देखें'?

अगर आप अपनी जिंदगी में किसी भी जद्दोजहद से गुजर रहे हैं कभी खुद को हतोत्साहित महसूस करते हैं, परिवार से दूर रह रहे हैं या आपको लगता है कि आपकी परेशानियां बहुत बड़ी हैं, तो यह नाटक आपको जरूर देखना चाहिए. खासकर युवाओं के लिए इसकी कहानी प्रासंगिक है. करियर, रिश्तों और खुद को संभालने के बीच संतुलन बनाना आसान नहीं होता और यह नाटक उसी संघर्ष को बहुत मानवीय तरीके से सामने रखता है. थिएटर से बाहर निकलते हुए आप सिर्फ डेढ़ घंटे की एक कहानी की याद लेकर नहीं जाते. आप अजय कुमार की पूरी यात्रा अपने साथ लेकर निकलते हैं. उसका सपना, उसका अकेलापन, उसकी असफलताएं, उसका टूटना और फिर दोबारा खड़े होने का फैसला और शायद यही इस नाटक की सबसे बड़ी खूबसूरती है. कभी-कभी जिंदगी आपको हर तरफ से तोड़ देती है, ताकि आप यह समझ सकें कि आखिर में आपको किस चीज के लिए खड़ा होना है. ‘वो सुबह हम ही से आएगी' उसी उम्मीद की कहानी है.

यह भी पढ़ें: बाबा नीम करोली का रोल निभाना भी था एक चमत्कार! जिस एक्टर को किया साइन वो पड़ा बीमार, शोभिनव सत्या को मिला मौका

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Mahesh Bhatt, Entertainment, Theatre, Play, Bollywood
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com