सैफ अली खान ने बताया है कि वे और उनकी पत्नी करीना कपूर अपने बेटों, तैमूर और जहांगीर की परवरिश धर्म को लेकर एक खुले नजरिए के साथ कैसे कर रहे हैं. सैफ ने बताया कि वे अपने बच्चों से कहते हैं, "ईश्वर एक ही है और उसके कई नाम हैं." एक्टर ने 'वी विमेंस लंदन एडिशन' के दौरान अपने बेटों, तैमूर और जेह के साथ धर्म पर हुई बातचीत के बारे में खुलकर बताया.
सैफ ने खुलकर बात की
सैफ ने कहा, "यह एक ऐसी बातचीत है जो मुझे उनके साथ करना पसंद है, क्योंकि मैं खुद बहुत ज्यादा धार्मिक इंसान नहीं हूं. मेरी मां ने मुझे सिखाया और मैंने अपने बच्चों को सिखाया कि ईश्वर एक ही है और उसके कई नाम हैं. यह बहुत आसान है. आप अलग-अलग जगहों पर उसकी पूजा करते हैं और अगर आपका धर्म दूसरे इंसानों के प्रति प्यार और माफी की बात करता है, तो बस यही काफी है." सैफ ने ईसाई संस्थानों के बीच बड़े होने के बारे में भी बात की और बताया कि उन्होंने चर्चों में समय बिताया और ऐसे स्कूलों में पढ़ाई की, जहां हर दिन की शुरुआत चैपल (प्रार्थना सभा) से होती थी. उन्होंने बताया कि "बच्चे प्रार्थना करते थे और उसके बाद दूसरे धर्मों की प्रार्थनाएं भी होती थीं. वे दिवाली की तरह ही क्रिसमस भी मनाते थे."
सैफ ने तैमूर के साथ हुई अपनी हालिया बातचीत को भी याद किया, जिसमें उन्होंने तैमूर से धर्म और कार्य-पद्धति (methodology) के बीच अंतर के बारे में पूछा था. सैफ ने माना कि तैमूर के जवाब ने उन्हें प्रभावित किया. सैफ ने बताया, "9 साल के तैमूर ने जवाब दिया, 'धर्म में हम प्रार्थना करते हैं और कार्य-पद्धति में हम ऐसा नहीं करते.' और मुझे लगता है कि यह एक अच्छा जवाब है. हम लगातार इन चीजों के बारे में बात करते रहते हैं. मैं खुशकिस्मत हूं कि मेरी मां का इन चीजों के प्रति नजरिया खुला था और मेरी पत्नी का भी ऐसा ही है. यह ज्यादातर एक आध्यात्मिक नजरिया है."
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