बॉलीवुड की चमक-दमक से दूर रहने वाली रितेश देशमुख और जेनेलिया डिसूजा की जोड़ी फैंस की सबसे पसंदीदा जोड़ियों में गिनी जाती है। दोनों ने जब भी पर्दे पर साथ काम किया है, उनकी फिल्मों को दर्शकों का भरपूर प्यार मिला है. हाल ही में छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन पर आधारित फिल्म ‘राजा शिवाजी' सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी, जिसने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया. अब फिल्म का टीवी प्रीमियर होने जा रहा है. इस फिल्म में रितेश और जेनेलिया के बेटों ने भी अभिनय किया, लेकिन एक माता-पिता के तौर पर दोनों कभी नहीं चाहते थे कि उनके बच्चे इतनी कम उम्र में फिल्म इंडस्ट्री का हिस्सा बनें.
ऐसे में जब उनसे फिल्म में बच्चों की भूमिका और भविष्य में उनके अभिनय करियर को लेकर सवाल किया गया, तो दोनों ने इस विषय पर खुलकर अपनी राय रखी. उन्होंने यह भी बताया कि आखिर किस तरह अचानक परिस्थितियां ऐसी बनीं कि उनके बच्चों को फिल्म में वीर शिवाजी के बचपन का किरदार निभाने का अवसर मिल गया.
बच्चों को फिल्मों में कास्ट करने के फेवर में नहीं हूं
बातचीत के दौरान जब रितेश और जेनेलिया से पूछा गया कि अगर भविष्य में उन्हें लगे कि उनके बच्चों को भी किसी फिल्म में कास्ट किया जाना चाहिए, तो वे माता-पिता के तौर पर क्या फैसला लेंगे. इस पर रितेश ने कहा कि फिलहाल वह अपने बच्चों को फिल्मों में कास्ट करने के फेवर में नहीं हैं.
रितेश ने कहा कि बतौर पैरेंट फिलहाल मुझे लगता है कि मैं इसमें भी बच्चों को कास्ट नहीं करता. मैंने हमेशा सोचा है कि मैं अपने बच्चों को फिल्मों में ही नहीं बल्कि विज्ञापनों में भी दोनों इससे दूर रखूंगा.
फिल्म और विज्ञापनों में अभी नहीं होगी बच्चों की कोई एंट्री
उन्होंने आगे बताया कि सिर्फ फिल्मों में ही नहीं, बल्कि विज्ञापनों में भी दोनों को बच्चों के साथ काम करने के कई प्रस्ताव मिले हैं. रितेश ने कहा, “अब तक इतने सारे विज्ञापन आए कि आप दोनों बच्चों को ले लो और बड़े ब्रांड्स के साथ काम करो. हमने उन्हें अवॉइड किया। हम ऐसा नहीं करना चाहते थे।”
हालांकि, ‘राजा शिवाजी' उनके लिए बाकी प्रोजेक्ट्स से कुछ अलग और खास थी. रितेश ने माना कि इस फिल्म से उनका भावनात्मक जुड़ाव था.उन्होंने कहा कि ये फिल्म उनके दिल के करीब थी. जेनेलिया ने भी उनकी बात से सहमति जताते हुए कहा कि हां, थोड़ी स्पेशल थी.
सेट पर चीफ AD के सुझाव से मिला मौका
फिल्म में बच्चों को लेकर जो फैसला हुआ, वह रितेश और जेनेलिया का नहीं, बल्कि फिल्म के सेट पर मौजूद एक चीफ असिस्टेंट डायरेक्टर का था. रितेश ने इस बारे में दिलचस्प किस्सा शेयर करते हुए बताया कि ये मैंने डिसाइड भी नहीं किया था. एक चीफ एडी सेट पर आया और उसने ये सुझाव दिया.
रितेश ने आगे बताया कि फिल्म के लिए कई बच्चों का टेस्ट किया गया था और टीम रोजाना सेट पर उनसे मिल रही थी. इसी दौरान कुछ तस्वीरों को देखकर चीफ एडी ने एक अलग विचार रखा.
रितेश के मुताबिक, हम हर दिन कई सारे बच्चों का टेस्ट ले रहे थे, उनसे रोज सेट पर मिल रहे थे. लेकिन कुछ जच नहीं रहा था ऐसे में एडी को तरकीब सूझी उसने करीब 10-12 फोटो एक दीवार पर लगाए और फिर दो फोटो और लगा दिए जो कि हमारे बच्चों के थे . जिनपर एआई से बना के कॉस्ट्यूम वगैरह भी लगा के दिखाया, जो उन पर काफी सूच कर रहे थे.
AI कॉस्ट्यूम देखकर भी पहले नहीं हुआ था भरोसा
शुरुआत में रितेश को यह सुझाव थोड़ा अजीब लगा, लेकिन बाद में उन्होंने इसे आजमाया, क्योंकि बच्चों पर वह अच्छा लग रहा था, रितेश ने कहा कि फोटो देखकर मैंने कहा, आप दिखा तो रहे हो पर ऐसा नहीं होता है भाई.
हालांकि, टीम ने उन्हें एक बार कोशिश करने के लिए कहा और काम कर गया. इसी तरह रितेश और जेनेलिया के बच्चों को फिल्म में वीर शिवाजी के बचपन का किरदार निभाने का मौका मिला.
आपके लिए और भी
ये Video भी देखें:
Pushpa 2 के शोर में Bhojpuri का पहला 100 करोड़ | Ritesh Pandey Interview | Hello Koun Song
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं