नितेश तिवारी के निर्देशन में बनी फिल्म रामायणम् की रिलीज को कुछ ही दिन बचे हैं. जब से इस फिल्म की मेकिंग और ट्रेलर रिलीज हुआ है, ये लगातार चर्चा में बनी हुई है. फिल्म की कास्ट से लेकर के उसके सेट और वीएफक्स को लेकर के हर कोई बात कर रहा है. नितेश तिवारी ने इस फिल्म को डायरेक्ट किया है. फिल्म की खास बात ये है कि इसको वर्लडवाइड रिलीज किया जा रहा है. मेकर्स ने इसको लेकर के बड़े पैमाने पर तैयारियां की है. ऐसे में नितेश तिवारी ने इस फिल्म को कैसे डायरेक्ट किया और कितनी मेहनत की, इस बात का खुलासा किया रामायणम् में विश्वामित्र का किरदार निभा रहे अजिंक्या देओ ने. उन्होंने NDTV से खास बातचीत में अपने रोल से लेकर के फिल्म के सेट पर काम करने और नितेश तिवारी के साथ काम करने के एक्सपीरियंस को शेयर किया है.
क्या चीजें रामायणम् को बनाती हैं खास
अजिंक्या देओ ने बताया कि नितेश तिवारी की रामायणम् में उसको खास बनाता है उसकी मेकिंग. उन्होंने बताया कि, "रामायण उस तरीके से बन रही है, जैसे मार्बेल की फिल्में बनती हैं हॉलीवुड में. स्पेशल इफेक्ट, इसकी मेकिंग इसको खास बनाती है. इसके साथ ही मेरे एक्सप्रेशन को 125 कैमरा स्कैन्ड करते थे. वहां पर जो टेक्नोनॉजी को जिस तरह से यूज किया गया है वो बहुत ही उंदा है. जो इसे खास बनाता है."
गलती होने पर क्या करते थे नितीश
अजिंक्या देओ से जब पूछा कि अगर सेट पर कोई गलती हो जाती थी, या सीन सही से शूट नहीं हो पाता था तो नितीश जी क्या करते थे, उनको गुस्सा आता था, या वो किसी को डांटते थे. इस पर अजिंक्या जी ने नितेश तिवारी जी की तारीफ करते हुए बताया कि, नितेश जी रामायण के लिए राइट च्वाइस थे. उन्होंने रामायण को अपने अंदर पूरा ग्रहण कर लिया था. पिछले 10 साल से नमित मल्होत्रा और नितेश तिवारी जी इसके ऊपर काम कर रहे हैं. नितेश जी की खास बात लगी कि वो सेट पर हैं या नहीं है कि यही नहीं पता चलता है. इतने आहिस्ता से बात करते हैं. और अगर कोई बात समझानी है तो वहां से माइक पर नहीं बोलेंगे. मेरे पास आकर बोलते थे कि ऐसे बोलो अजिंक्या, इस तरह से करो.
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उन्होंने कभी गुस्सा किया ही नहीं. उनके काम को देखकर साफ था कि उन्होंने इस पर कितनी मेहनत कर रखी है. पूरी प्लानिंग कर रखी थी. बहुत ही बुद्धिमान डायरेक्टर जिसको पता है कि क्या, कब कहां और कैसे होना है. जब भी वो कोई बात बताते थे हमको तो वो रेफरेंस जो देते थे, तो पता लगता था कि उन्होंने स्टडी किया हुआ है. उन्होंने मुझे 3-4 बार कहा कि बहुत अच्छा शॉट दिया अजिन्क्या, ये सुनकर मुझे बहुत खुशी होती थी.
इसके अलावा सेट पर धमाल होती थी, सेट के बाहर मस्ती मजाक करते थे. लेकिन सेट पर आते ही एक अलग सा अटमॉस्फेयर हो जाता था. कभी कोई बवाल नहीं, कभी कोई चिल्ला-चुल्ली नहीं. सब बहुत अच्छे से होता था.
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