फिल्मों के कारोबार में एक फिल्म का कमजोर प्रदर्शन दूसरी फिल्म के लिए राहत लेकर आ सकता है. हाल ही में रिलीज हुई ‘बंटवारा 1947' और ‘आवारापन 2' के सिनेमाघरों में आने के बाद ‘ओह माय डॉग' के शोज और स्क्रीन में भारी कटौती कर दी गई थी. हालांकि अब ‘बंटवारा 1947' के उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं करने के बाद सिनेमाघरों में ‘ओह माय डॉग' के शोज फिर बढ़ाए गए हैं. इससे फिल्म के निर्देशक अमित राय खासे खुश हैं.
‘ओह माय डॉग' 7 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी. रिलीज के वक्त फिल्म को करीब 450 शो मिले थे. लेकिन 14 अगस्त को ‘बंटवारा 1947' और ‘आवारापन 2' के रिलीज होने के बाद ज्यादातर सिनेमाघरों में इन फिल्मों को प्राथमिकता दी गई और ‘ओह माय डॉग' के शोज घटकर करीब 140 रह गए. फिल्म को आलोचकों और दर्शकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिलने के बावजूद उसे स्क्रीन के लिए संघर्ष करना पड़ा.
‘ओह माय डॉग' के शोज बढ़ाए गए
अब ‘बंटवारा 1947' के कमजोर प्रदर्शन के बाद ‘ओह माय डॉग' के शोज दोबारा बढ़ाए गए हैं. एनडीटीवी से खास बातचीत में अमित राय ने कहा, “पहले जो फर्स्ट वीक में हमारे पास थिएटर थे, वो कम हो गए क्योंकि ‘बंटवारा 1947' और ‘आवारापन' जैसी बड़ी फिल्में आई थीं. हमारे पास ऑलमोस्ट 70 प्रतिशत स्क्रीन कम कर दिए गए थे. लेकिन अब फिर एक हफ्ते में 40 प्रतिशत स्क्रीन बढ़ा दिए गए हैं.”
अमित राय के मुताबिक, कई शहरों में फिल्म के शो हाउसफुल जा रहे हैं. उन्होंने कहा, “काफी शोज हाउसफुल जा रहे हैं. अभी कल भी और दो दिन से शोज हाउसफुल ही हैं, दिल्ली में, बॉम्बे में, बेंगलुरु में, पुणे में. तो मैं बहुत खुश हूं कि लोगों ने फिर से शोज बढ़ा दिए.”
उन्होंने इसकी वजह दर्शकों की प्रतिक्रिया को बताया. अमित ने कहा, “मुझे लगता है कि रिलीज हुई फिल्मों ने अंडरपरफॉर्म किया है, तो उन्होंने फिर से फिल्म को थिएटर दे दिए. इसकी वजह पब्लिक डिमांड थी, क्योंकि लोग फिल्म के बारे में बात कर रहे थे और थिएटर में पूछताछ कर रहे थे. इसलिए उन्होंने शोज बढ़ाए हैं.”
450 स्क्रीन से घटकर 140 पर पहुंची फिल्म
फिल्म को रिलीज के समय करीब 450 स्क्रीन मिली थीं. ‘बंटवारा 1947' और ‘आवारापन 2' के आने के बाद यह संख्या घटकर करीब 140 रह गई. अब 40 प्रतिशत स्क्रीन बढ़ने के बाद फिल्म करीब 196 स्क्रीन पर चल रही है. अमित राय ने बताया कि पिछले सप्ताहांत फिल्म के लिए काफी अच्छा रहा. उनके मुताबिक, शनिवार और रविवार के शो बेहतर रहे और दर्शकों की मौजूदगी भी बढ़ी.
‘ओह माय डॉग' का बजट प्रचार समेत करीब 18 करोड़ रुपये बताया जा रहा है. फिल्म ने अब तक बॉक्स ऑफिस पर करीब 4.72 करोड़ रुपये की कमाई की है. यानी फिल्म को अपनी लागत निकालने के लिए अभी लंबा सफर तय करना है.
अब ‘टॉक्सिक' की चुनौती
इस हफ्ते यश की ‘टॉक्सिक' के सिनेमाघरों में आने के बाद एक बार फिर ‘ओह माय डॉग' के सामने स्क्रीन और शोज बचाए रखने की चुनौती होगी. अमित राय भी मानते हैं कि बड़ी फिल्म के आने से मुकाबला मुश्किल होगा. उन्होंने कहा, “ये तो टॉक्सिक तक चलेगा ही, क्योंकि फिर ‘टॉक्सिक' आएगी. वो एक बहुत बड़ी फिल्म है, उसके बहुत सारे स्क्रीन होंगे. अब देखते हैं. ये परफॉर्मेंस के ऊपर ही है जो एग्जिबिटर देखता है. अगर फिल्म परफॉर्म कर रही है तो लोग थिएटर में फिल्म लगाते हैं और स्क्रीन भी मिलती हैं.”
‘ओह माय डॉग' का मामला एक बार फिर उस बहस को सामने लाता है जिसमें कंटेंट आधारित फिल्मों के लिए सिनेमाघरों में जगह बनाए रखना लगातार मुश्किल होता जा रहा है. दर्शकों और समीक्षकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिलने के बावजूद अगर फिल्म का शुरुआती कारोबार उम्मीद के मुताबिक नहीं होता, तो उसे स्क्रीन और शो दोनों के स्तर पर नुकसान उठाना पड़ता है.
हाल में रिलीज हुई ‘बंटवारा 1947' के निर्देशक राजकुमार संतोषी भी फिल्म के कमजोर प्रदर्शन से निराशा जाहिर कर चुके हैं. ऐसे में ‘ओह माय डॉग' के शोज का दोबारा बढ़ना अमित राय के लिए निश्चित तौर पर राहत की खबर है, लेकिन फिल्म के सामने अब ‘टॉक्सिक' जैसी बड़ी रिलीज की चुनौती भी खड़ी है.
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