सोनल मानसिंह का जन्म 30 अप्रैल 1944 को हुआ. वह एक नृत्यांगना के साथ-साथ राजनीतिक भी हैं. उन्होंने अपने नृत्य के साथ-साथ राजनीति में भी हाथ आजमाया. वह भाजपा की तरफ से राज्यसभा सांसद रह चुकी हैं. उनकाे पद्म भूषण के साथ-साथ और दूसरे अवार्ड्स से भी सम्मानित किया गया. सोनम का जन्म मुंबई में हुआ था. वह अरविंद और पूर्णिमा पकवासा की तीन संतानों में से दूसरी थीं. पूर्णिमा पकवासा गुजरात की एक सामाजिक कार्यकर्ता और 2004 की पदम भूषण विजेता थीं. उनके दादा मंगलदास पकवासा एक स्वतंत्रता सेनानी थे. वह भारत के पहले पांच राज्यपालों में से एक थे. उन्होंने 4 साल की उम्र से अपनी बड़ी बहन के साथ नागपुर के शिक्षक से मणिपुरी नृत्य सीखना शुरू किया था. हाल ही में अपने शो श्री राम कथा के लिए सोनल मानसिंह भोपाल आई, जहां उन्होंने एनडीटीवी से बात कर विभिन्न मुद्दों पर अपनी राय रखी.
प्रधानमंत्री से की मांग
हाल ही में नृत्यांगना और पद्म विभूषण डॉ. सोनल मानसिंह ने प्रधानमंत्री मोदी को एक खत लिखा है जिसमें उन्होंने डांसर कलाकारों को भारत रत्न देने की मांग की है. इस सवाल पर सोनल मानसिंह ने कहा कि मैंने प्रधानमंत्री जी को चार डांसर कलाकारों के नाम दिए हैं. मैंने कभी भी अपने लिए भारत रत्न नहीं मांगा है. सरकार ने बिस्मिल्लाह खान, लता मंगेशकर जैसे तमाम बड़े सिंगर को भारत रत्न दिया. वाला सरस्वती जिनका नाम 80 के दशक में विश्व की तीन सबसे बड़ी नृत्यांगना में नाम लिया जाता था. रुक्मिणी देवी जैसे तमाम बड़े डांसर कलाकार जो की दुनिया भर में लोगों को डांस की कला सीख रहे हैं. इसके अलावा बिरजू महाराज जी कई नाम है क्या इनको भारत रत्न नहीं देना चाहिए? आज कितना बड़ा अन्याय हो रहा है कि 80 साल हो चुके हैं, लेकिन किसी भी सरकार को कलाकारों को सम्मान देने का नहीं सूजा है.
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आगे उन्होंने कहा, इसका यही मतलब निकलता है कि संगीत कहीं ऊपर है और नृत्य कहीं नीचे है, जिसको ढूंढना पड़ेगा. सोनल ने आगे कहा कि दिल्ली में मेरा डांस सेंटर है, उसका 50वां साल चल रहा है. इसलिए मैं भोपाल में अपना शो श्री राम कथा को परफॉर्म करने के लिए आई हूँ. बता दें, सोनम ने बीते दिनों भोपाल के भारत भवन में अपना शो श्री राम कथा का मंचन किया था, जिसमें उनके परफॉर्मेंस को देखने के लिए उनके चाहने वालों का जमावड़ा लगा रहा. सोनल ने अपनी कला से श्री राम जन्म से लेकर रावण वध तक की पूरी कथा सुनाई. इसके अलावा उन्होंने श्री राम कथा में हनुमान चालीसा को भी बड़े शानदार तरीके से प्रस्तुत किया गया. उनके इस परफॉर्मेंस से उनके चाहने वाले भगवान राम और भगवान बजरंगबली की भक्ति में लीन होते हुए नजर आए.
राज्यसभा सदस्य भी रहीं
सोनल मानसिंह एक मशहूर कोरियोग्राफर भी हैं. उनको साल 2018 में भारत के प्रधानमंत्री द्वारा राज्यसभा के सदस्य के रूप में मनोनीत किया गया. उन्होंने राज्यसभा में 2018 से लेकर 2024 तक अपना कार्यकाल पूरा किया. उन्होंने कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाजपा की तरफ से प्रचार किया. उनको saal 1992 में पद्म भूषण से भी सम्मानित किया गया. वह सबसे कम उम्र की पद्म भूषण पाने वाली महिला थीं. सोनम को साल 2019 में लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड्स से भी सम्मानित किया गया. उन्होंने अपने नृत्य को विश्व भर में पहुंचाया. उनको साल 2003 में भारत का दूसरा सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार पद्म विभूषण दिया गया. वह बाला सरस्वती के बाद भारत में यह सम्मान पाने वाली दूसरी महिला डांसर बन गई थी. उनको साल 2006 में मध्य प्रदेश सरकार द्वारा कालिदास सम्मान दिया गया और 21 अप्रैल 2007 को उन्हें पंतनगर स्थित जीबी पंत विश्वविद्यालय उत्तराखंड द्वारा डॉक्टर ऑफ साइंस और संबलपुर विद्यालय द्वारा डॉक्टर ऑफ लिटरेचर से सम्मानित किया गया.
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