एक समय था जब मुंबई में आम लोग फिल्मों की शूटिंग देखने के लिए इकट्ठा हो जाते थे. कभी-कभी भीड़ इतनी बढ़ जाती थी कि काबू करना मुश्किल हो जाता था. 63 साल पहले एक शम्मी कपूर का एक गाना आया था, इस गाने के लिए मुंबई की सड़कों पर 6 घंटे का जाम लग गया था. साल 1963 में रिलीज हुई शम्मी कपूर की फिल्म ‘ब्लफ मास्टर' के गाने ‘गोविंदा आला रे आला' की शूटिंग के दौरान कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला था. मोहम्मद रफी की आवाज और शम्मी कपूर के जबरदस्त अंदाज वाला यह गाना आज भी जन्माष्टमी और दही हांडी के जश्न की जान है. लेकिन इस सदाबहार गाने से जुड़ा मुंबई की सड़कों का यह किस्सा बेहद दिलचस्प है.
‘गोविंदा आला रे आला' की कहानी
‘ब्लफ मास्टर' के इस गाने के पीछे की कहानी बहुत दिलचस्प है. शूटिंग मुंबई की असली सड़कों पर हो रही थी. शम्मी कपूर के जीवंत अंदाज और एनर्जी के दीवाने लोग पहले से ही थे. जब खबर फैली कि उनका गाना ‘गोविंदा आला रे आला' रियल लोकेशन पर शूट हो रहा है, तो वहां भारी भीड़ जुट गई. भीड़ इतनी बेकाबू हो गई कि सड़कों पर गाड़ियों की आवाजाही पूरी तरह ठप पड़ गई. वाहन जहां के तहां खड़े रह गए और लगभग 6 घंटे तक ट्रैफिक जाम लगा रहा. उस समय की स्थिति आज के मुंबई ट्रैफिक जाम से भी अनोखी थी, क्योंकि लोग सिर्फ गाने और स्टार को देखने के लिए उमड़ पड़े थे.
मोहम्मद रफी की जादुई आवाज ने किया हिट
‘गोविंदा आला रे आला' की एक और खास बात ये है कि बैकग्राउंड में डांस करने वाले प्रोफेशनल डांसर नहीं थे. गिरगांव के चॉल के स्थानीय लड़के और गोविंदा मंडल के सदस्य शम्मी कपूर के साथ डांस कर रहे थे. इससे गाने में एकदम स्थानीय और जीवंत अहसास आ गया.‘गोविंदा आला रे आला' के बोल राजेंद्र कृष्ण ने लिखे थे और संगीत आनंदजी-कल्याणजी ने दिया था. मोहम्मद रफी की जादुई आवाज और शम्मी कपूर के चंचल अंदाज ने इसे सदाबहार बना दिया. फिल्म का निर्देशन मनमोहन देसाई ने किया था. इसमें शम्मी कपूर के साथ सायरा बानो, प्राण और ललिता पवार जैसी कलाकारों ने भी भूमिका निभाई थी.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं