हर जन्मदिन पर एक ऐसा फिल्मी गाना जरूर सुनाई देता है, जिसे सुनते ही लोग बिना सोचे मुस्कुराने लगते हैं. बच्चों की पार्टी हो, दोस्तों की मस्ती हो या परिवार का छोटा सा सेलिब्रेशन, ये गाना हर जगह अपने आप बजने लगता है. सबसे दिलचस्प बात ये है कि जिस फिल्म ने भारत को बर्थडे का सबसे यादगार गाना दिया, उसकी शुरुआत इतनी खराब रही थी कि 12 हफ्तों तक दर्शक ही नहीं मिले. थिएटर मालिक फिल्म हटाने की तैयारी में थे, लेकिन फिर एक फैसले ने पूरी कहानी बदल दी. आखिर में वही फिल्म जीतेंद्र के करियर की सबसे बड़ी हिट साबित हुई और इसी फिल्म का गाना था 'बार बार दिन ये आए, हैप्पी बर्थडे टू यू.'
फिल्म हटने की नौबत आ गई थी
साल 1967 में रिलीज हुई 'फर्ज' से मेकर्स को काफी उम्मीदें थीं, लेकिन शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही. लगातार 12 हफ्तों तक फिल्म सिनेमाघरों में दर्शकों को नहीं खींच पाई. हालात ऐसे बन गए कि थिएटर मालिक इसे हटाने का मन बना चुके थे. उस समय किसी को नहीं लगा था कि यही फिल्म आगे चलकर बड़ी हिट बनेगी.
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जीतेंद्र ने खेला बड़ा दांव
फिल्म को बचाने के लिए जीतेंद्र ने ऐसा कदम उठाया, जिसकी आज भी चर्चा होती है. उन्होंने खुद फिल्म के शो के टिकट खरीद लिए ताकि थिएटर मालिक कुछ दिन और फिल्म चलाते रहें. जीतेंद्र को पूरा भरोसा था कि अगर फिल्म थोड़ा और समय सिनेमाघरों में टिक गई तो दर्शक जरूर आएंगे. उनका भरोसा सही निकला. धीरे-धीरे फिल्म की कमाई बढ़ी और फ्लॉप मानी जा रही फिल्म ब्लॉकबस्टर बन गई.
यहीं से मिला जंपिंग जैक का नाम
'फर्ज' ने जीतेंद्र की किस्मत भी बदल दी. फिल्म में उनके जोशीले डांस, सफेद जूतों और अलग अंदाज ने लोगों का दिल जीत लिया. इसके बाद उन्हें 'जंपिंग जैक' के नाम से पहचान मिली. यही फिल्म उनके करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट मानी जाती है.
1967 की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में हुई शामिल
धीमी शुरुआत के बावजूद 'फर्ज' ने शानदार वापसी की और साल 1967 की तीसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली हिंदी फिल्मों में शामिल हो गई. फिल्म का संगीत भी जबरदस्त हिट रहा. बर्थडे वाले मशहूर गाने के अलावा 'मस्त बहारों का मैं आशिक' और 'हम तो तेरे आशिक हैं सदियों पुराने' जैसे गीत भी लोगों की जुबान पर चढ़ गए.
59 साल बाद भी नहीं घटी लोकप्रियता
मोहम्मद रफी की आवाज, लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल का संगीत और आनंद बख्शी के बोलों से सजा ये गाना आज भी हर पीढ़ी की पसंद बना हुआ है. शायद ही कोई दूसरा हिंदी फिल्मी बर्थडे सॉन्ग हो, जिसने करीब 6 दशक तक लोगों के दिलों में अपनी जगह इतनी मजबूती से बनाए रखी हो. यही वजह है कि आज भी जन्मदिन का जश्न इस गाने के बिना अधूरा सा लगता है.
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