राहुल रॉय ने अपने करियर में फिल्में भले ही कम कीं लेकिन गाने ऐसे जबरदस्त दिए हैं कि उनका असली स्टारडम इन्हीं गानों से लगता है. पर्दे के पीछे तो मेहनत किसी और की होती है लेकिन स्क्रीन पर उसे चमकाने और उसकी पेशकश में चार चांद लगाने का काम तो एक्टर्स ही करते हैं और इसे राहुल रॉय ने बखूबी किया है. आज हम जिस गाने की बात कर रहे हैं वह भी कुछ इसी तरह का है. पर्दे के पीछे जादू बिखेर रहे थे कुमार सानू और अल्का याग्निक वहीं पर्दे पर दर्शकों को अपनी तरफ खींच रही थी राहुल रॉय और पूजा भट्ट की केमिस्ट्री.
1993 में आया था एक मैजिकल रोमांटिक ट्रैक
यहां हम जिस गाने की बात कर रहे हैं वह साल 1993 में आई फिल्म 'फिर तेरी याद आई' में आया था. इस गाने का नाम था 'बादलों में छुप रहा है चांद क्यों?'. इस गाने के बोल कतील शिफाई ने लिखे थे और म्यूजिक तैयार किया था अनु मलिक ने. इस डेडली कॉम्बो पर कुमार सानू और अल्का याग्निक की आवाज का तड़का लगा तो मैजिक अलग ही लेवल पर था. अगर आप इस गाने पर जरा गौर फर्माएं तो इसमें आपको हीरोइन कदम कदम पर सवाल करती नजर आती है और हीरो अपने जवाब में ढकाते छिपाते उसकी तारीफ ही करता दिखता है. अगर आप कविता या शेर-शायरी का शौक रखते हैं तो इस गाने को यहां पढ़कर कतील शिफाई के भाषा के साथ खेलने के अंदाज को देख व समझ सकते हैं.
बादलों में छुप रहा है चांद क्यूं
अपने हुस्न की जया से पूछ लो
चांदनी पड़ी हुई है मांद क्यूं
अपनी ही किसी अदा से पूछ लो
बादलों में छुप रहा है चांद क्यूं
अपने हुस्न की जया से पूछ लो
चांदनी पड़ी हुई है मांद क्यूं
अपनी ही किसी अदा से पूछ लो
राहुल रॉय का फिल्मी सफर
राहलु रॉय एक जाने माने फिल्म एक्टर और मॉडल हैं. उन्होंने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत साल 1990 में आई फिल्म आशिकी से की थी. इस फिल्म में उनके साथ अनु अग्रवाल लीड रोल में थीं. ये फिल्म राहुल रॉय के करियर की सबसे यादगार फिल्म मानी जाती है. इसके अलावा राहुल रॉय के करियर की एक और जबरदस्त हाईलाइट रहा बिग बॉस का पहला सीजन. राहुल 2006 में बिग बॉस के पहले सीजन में नजर आए थे और विनर बनकर बाहर निकले थे.
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