बॉलीवुड सुपरस्टार जितेंद्र के बच्चे तुषार कपूर और एकता कपूर हिंदी सिनेमा और टीवी जगत का जाना माना नाम हैं. जहां तुषार कपूर को गोलमाल सीरीज और क्या कूल हैं हम जैसी फिल्मों के लिए जाना जाता है तो वहीं एकता कपूर टीवी की क्वीन कहलाती हैं, जिन्होंने भूत बंगला फिल्म से लेकर नागिन जैसे शोज को प्रोड्यूस किया. लेकिन क्या आप जानते हैं कि जितेंद्र के भतीजे भी बॉलीवुड का जाना माना नाम हैं. वहीं उन्हें करीबी प्यार से 'गट्टू' बुलाते हैं. हम बात कर रहे हैं. 6 अगस्त 1971 को मुंबई में जन्मे अभिषेक कपूर ने 1996 में 'उफ ! ये मोहब्बत' और 'आशिक मस्ताने' जैसी फिल्मों से एक नायक के रूप में बॉलीवुड में कदम रखा. कम लोग जानते हैं कि जितेंद्र रिश्ते में निर्देशक अभिषेक कपूर के चाचा लगते हैं.
बॉक्स ऑफिस पर रातोंरात फ्लॉप हुए थे अभिषेक कपूर

अभिषेक कपूर की दोनों ही फिल्में बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप हो गईं और रातोंरात एक स्टार अभिनेता बनने का उनका सपना टूट हो गया. हालांकि अभिषेक कपूर की कहानी यहीं नहीं समाप्त हुई. दरअसल, यह उस दिलचस्प सफर की शुरुआत थी जिसने भारतीय सिनेमा को एक असाधारण फिल्म निर्माता दिया. एक निर्देशक के रूप में उनकी पहली स्पोर्ट्स ड्रामा फिल्म 'आर्यन: अनब्रेकेबल ' (2006) भी व्यावसायिक रूप से विफल रही. उनके करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट तब आया जब वे एक दिन पूल के किनारे बैठकर अपने आईपॉड पर डेव मैथ्यूज और यू2 का संगीत सुन रहे थे. यहीं उनके दिमाग में एक ऐसे रॉक बैंड की कहानी ने जन्म लिया जिसके गीत अंग्रेजी में नहीं बल्कि हिंदी में हों.
डायरेक्टर बन छोड़ी छाप

यह विचार वर्ष 2008 की कल्ट क्लासिक फिल्म 'रॉक ऑन' में तब्दील हुआ. उन्होंने इस फिल्म में अभिनय के लिए पहली बार निर्देशन छोड़कर आए फरहान अख्तर को चुना और अर्जुन रामपाल को एक गंभीर किरदार सौंपा. फिल्म का संगीत शंकर-एहसान-लॉय ने महज पांच दिनों में तैयार किया था. इस फिल्म ने सर्वश्रेष्ठ हिंदी फीचर फिल्म का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीतकर अभिषेक कपूर को रातों-रात एक स्थापित निर्देशक और लेखक बना दिया.
चेतन भगत के उपन्यास पर बनी फिल्म से छाए
पत्नी प्रज्ञा कपूर के साथ 'गय इन द स्काई पिक्चर्स' प्रोडक्शन कंपनी की स्थापना की, जिसके माध्यम से वे बेहतरीन और आकर्षक कहानियां बना रहे हैं। चेतन भगत के उपन्यास पर आधारित वर्ष 2013 की फिल्म 'काई पो चे!' के जरिए उन्होंने सुशांत सिंह राजपूत और राजकुमार राव को बॉलीवुड में लॉन्चपैड दी. दिलचस्प बात यह है कि इस फिल्म के संगीतकार अमित त्रिवेदी ने जब कुछ ही दिनों में गाने तैयार कर लिए, तो अभिषेक कपूर को शुरू में लगा कि यह 'कॉपी-पेस्ट' काम है, हालांकि बाद में वही संगीत फिल्म की जान बना. इसी तरह, 2018 की अंतर-धार्मिक प्रेम कहानी 'केदारनाथ' में उन्होंने सारा अली खान को लॉन्च किया, जो 2013 की विनाशकारी बाढ़ की पृष्ठभूमि पर आधारित थी. इसका गाना नमों नमो शंकर गाना इतना पॉपुलर है कि यूट्यूब पर 1 बिलियन लोग देख चुके हैं.
ट्रांसवुमन की दिखाई कहानी
अभिषेक कपूर की कहानियां केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहतीं. वे सामाजिक मान्यताओं को भी चुनौती देती हैं. वर्ष 2021 में रिलीज हुई 'चंडीगढ़ करे आशिकी' मुख्यधारा की पहली ऐसी व्यावसायिक फिल्मों में से थी, जिसने एक ट्रांस-वुमन की प्रेम कहानी को पर्दे पर प्रस्तुत किया. अपने पूरे करियर में अभिषेक कपूर ने असफलता को एक बेहतरीन शिक्षक माना है. वे मानते हैं कि आज का सिनेमा बदल रहा है, जहां समानांतर और व्यावसायिक सिनेमा के बीच की रेखाएं धुंधली हो गई हैं.
आजाद से किया राशा थडानी और अमन देवगन को लॉन्च
17 जनवरी, 2025 को रिलीज हुई पीरियड ड्रामा फिल्म 'आजाद', जिससे उन्होंने राशा थडानी और अमन देवगन को लॉन्च किया, बॉक्स ऑफिस पर संघर्ष करती नजर आई और शुरुआती रुझानों में केवल 5 करोड़ रुपए ही कमा सकी. लेकिन इसके बावजूद उनका नजरिया बेहद सकारात्मक रहा. उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक नोट में लिखा था, "सपने हिट या फ्लॉप नहीं होते, साकार होते हैं". 4 मई, 2015 को स्वीडिश अभिनेत्री प्रज्ञा यादव से विवाह बंधन में बंधे अभिषेक कपूर आज दो बच्चों के पिता हैं और एक पारिवारिक जीवन व्यतीत कर रहे हैं.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं