अभिनेत्री ईशा कोप्पिकर ने उन्हें दिए गए 'अंधभक्त' टैग पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि अगर भारत से प्यार करना और उस पर विश्वास करना 'अंधभक्ति' कहलाता है, तो उन्हें इस लेबल को अपनाने में गर्व है. ईशा ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें वह देशभक्ति, राष्ट्रवाद और देश के लिए कुछ करने की जरूरत पर बात करती नजर आईं. अभिनेत्री ने कहा, ''अगर अपने देश से प्यार करना, भारत पर विश्वास करना और उसकी तरक्की चाहना भक्ति है, तो हां, मुझे भक्त कहिए, अंधभक्त कहिए. लेकिन मेरी भक्ति किसी राजनीतिक पार्टी के लिए नहीं, बल्कि अपने देश, अपने भारत के लिए है. राष्ट्र सबसे पहले है.''
ईशा ने कहा, ''इंसान जहां रहता है, उसे उस जगह का सम्मान करना चाहिए और उसे बेहतर बनाने में अपना योगदान देना चाहिए. सिर्फ यह कह देना कि हमें अपने देश से प्यार है, देशभक्ति नहीं है. असली देशभक्ति तब है, जब कोई व्यक्ति अपने काम से देश को बेहतर बनाने की कोशिश करे.''
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अभिनेत्री ने बच्चों का उदाहरण देते हुए आगे कहा, ''दो तरह के बच्चे होते हैं. एक बच्चा ऐसा होता है जो पूरी जिंदगी यह हिसाब लगाता रहता है कि उसके माता-पिता ने उसे क्या दिया और क्या नहीं दिया. वहीं दूसरा बच्चा ऐसा होता है जो माता-पिता से मिलने वाली चीजों को सिर्फ अपने तक सीमित नहीं रखता, बल्कि उससे अपने माता-पिता की जिंदगी को भी बेहतर बनाने की कोशिश करता है.''
ईशा ने कहा, ''दोनों के बीच फर्क सिर्फ परिस्थितियों का नहीं, बल्कि सोच का है. इसी सोच को देश के लिए भी बदलने की जरूरत है. हमें हर समय यह पूछने के बजाय कि देश ने हमें क्या दिया, यह सोचना चाहिए कि हम देश को क्या दे सकते हैं. हमें यह विचार करना चाहिए कि अपने काम और सोच के जरिए भारत के लिए क्या बेहतर किया जा सकता है.''
अभिनेत्री ने आगे कहा, ''भारत बदल रहा है और अब समय आ गया है कि लोगों की सोच भी बदले. मेरी लोगों से अपील है कि वह नए भारत के निर्माण का हिस्सा बने. मुझे भक्त कहिए, अंधभक्त कहिए या राष्ट्रवादी कहिए, मैं अपने विचारों को लेकर पीछे नहीं हटूंगी.''
वीडियो के आखिर में ईशा ने भारत के प्रति अपने प्यार को दोहराते हुए कहा, ''मैं अपने देश से प्यार करती हूं और भारत पर विश्वास करती हूं. जय हिंद.'' ईशा ने वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा, "अगर भारत से प्यार करना 'अंधभक्ति' है, तो मैं इस पहचान को गर्व से अपनाती हूं. मुझे जो गलत लगता है, उस पर सवाल उठाती हूं और जो सही लगता है, उसकी तारीफ भी करती हूं. मेरे लिए मेरा देश सबसे ऊपर रहेगा."
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