एक दौर था जब रविवार की सुबह का अपना अलग ही मजा हुआ करता था. परिवार के लोग जल्दी-जल्दी नाश्ता खत्म कर टीवी के सामने बैठ जाते थे और इंतजार रहता था दूरदर्शन के उस कार्यक्रम का, जिसमें सुनने और देखने को मिलते थे हिंदी फिल्मों के सदाबहार गाने. न ओटीटी का दौर था, न यूट्यूब और न ही दर्जनों म्यूजिक चैनल. ऐसे समय में ‘रंगोली' लोगों के रविवार का खास हिस्सा हुआ करता था. सुबह 8 बजे शुरू होने वाला यह कार्यक्रम फिल्मी गीतों और सितारों की झलक के साथ दर्शकों का मनोरंजन करता था. 1989 में शुरू हुए इस शो ने तीन दशक से ज्यादा का सफर तय किया और इस दौरान कई मशहूर अभिनेत्रियां इसकी मेजबान बनीं.
हेमा मालिनी से शुरू हुआ सफर, शर्मिला टैगोर ने संभाली कमान
दूरदर्शन पर ‘रंगोली' की शुरुआत साल 1989 में हुई थी. इसका मकसद दर्शकों को हिंदी फिल्मों के लोकप्रिय गीतों से जोड़ना था. शो की शुरुआती मेजबानी दिग्गज अभिनेत्री हेमा मालिनी ने की थी. साड़ी में उनका पारंपरिक और सलीकेदार अंदाज दर्शकों को खूब पसंद आया. उस दौर में किसी बड़े फिल्म स्टार का टेलीविजन से जुड़ना अपने आप में बड़ी बात हुआ करता था. हेमा मालिनी के बाद शर्मिला टैगोर ने शो की कमान संभाली. बड़े पर्दे की इन मशहूर अभिनेत्रियों को टीवी पर देखना दर्शकों के लिए किसी खास आकर्षण से कम नहीं था. यही वजह थी कि ‘रंगोली' जल्द ही रविवार की सुबह का पसंदीदा कार्यक्रम बन गया.
मयूरी कांगो से इंदर कुमार तक, बदलते रहे शो के चेहरे
समय के साथ ‘रंगोली' के होस्ट भी बदलते गए. शर्मिला टैगोर के बाद अभिनेत्री मयूरी कांगो इस कार्यक्रम का चेहरा बनीं. उस समय मयूरी फिल्मों में भी नजर आ रही थीं और उनकी पहचान युवा दर्शकों के बीच बनी हुई थी. ‘रंगोली' के फॉर्मेट की भी अपनी खासियत थी. कार्यक्रम के शुरुआती करीब 45 मिनट में पुराने हिंदी फिल्मी गाने दिखाए जाते थे, जबकि आखिरी 15 मिनट में नए गानों को जगह मिलती थी. ऐसे में पुराने गीतों के साथ-साथ नए फिल्मी गानों का इंतजार भी दर्शकों को रहता था. इस शो की मेजबानी करने वाले चेहरों में इंदर कुमार इकलौते पुरुष एंकर रहे. उनके बाद भी कई अभिनेत्रियां इस कार्यक्रम से जुड़ती रहीं और हर किसी ने इसे अपने अंदाज में पेश किया.
श्वेता तिवारी से स्वरा भास्कर तक
जैसे-जैसे साल बीतते गए, ‘रंगोली' के साथ नए चेहरे जुड़ते गए. प्राची शाह, श्वेता तिवारी, सारा खान, स्वरा भास्कर, नीतू चंद्रा, सुरवीन चावला और हृषिता भट्ट जैसी अभिनेत्रियों ने भी शो की मेजबानी की. 90 के दशक में ‘रंगोली' की लोकप्रियता काफी बढ़ गई थी. भारत के अलावा विदेशों में रहने वाले भारतीय दर्शक भी इस कार्यक्रम से जुड़े हुए थे. मिडिल ईस्ट और अमेरिका में बसे भारतीयों के बीच भी शो को पसंद किया जाता था.
साल 1997 में ‘रंगोली' और दूरदर्शन के एक अन्य चर्चित फिल्मी गीत कार्यक्रम ‘चित्रहार' के प्रोडक्शन की जिम्मेदारी निजी कंपनियों को सौंप दी गई. ‘रंगोली' का प्रोडक्शन क्रिएटिव आई के धीरज कुमार को मिला, जबकि ‘चित्रहार' की जिम्मेदारी प्लस चैनल के अमित खन्ना के पास गई.
2014 में मिली शानदार रेटिंग, 2019 में मधु बनीं होस्ट
समय के साथ टेलीविजन का अंदाज बदलता गया, नए चैनल और नए मनोरंजन विकल्प आते गए, लेकिन ‘रंगोली' की अपनी जगह बनी रही. साल 2014 में रविवार सुबह 8 से 9 बजे के स्लॉट में कार्यक्रम को अच्छी रेटिंग मिली और यह दर्शकों के पसंदीदा शोज में शामिल रहा. इसके बाद भी कई नए चेहरे शो से जुड़े. स्वरा भास्कर, नीतू चंद्रा और सुरवीन चावला के बाद अभिनेत्री मधु ने अगस्त 2019 से ‘रंगोली' की मेजबानी संभाली. मधु को दर्शक ‘फूल और कांटे' जैसी फिल्मों के लिए जानते हैं.
तीन दशक से ज्यादा लंबे सफर में ‘रंगोली' के चेहरे बदले, टीवी देखने का अंदाज बदला और मनोरंजन के साधन भी बदल गए. लेकिन रविवार की सुबह दूरदर्शन पर बजते पुराने फिल्मी गीतों और ‘रंगोली' से जुड़ी यादें आज भी 80 और 90 के दशक के दर्शकों के लिए खास हैं. यह सिर्फ एक गीत कार्यक्रम नहीं था, बल्कि उस दौर की रविवार की सुबह का एक हिस्सा था.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं