एक्टर मिहिर आहूजा इन दिनों अपनी नई फिल्म ‘दीवाली दीवाली' को लेकर चर्चा में हैं. फिल्म जल्द ही दर्शकों के बीच आने वाली है और मिहिर का मानना है कि यह सिर्फ त्योहार पर आधारित कहानी नहीं, बल्कि परिवार, रिश्तों और अपनेपन की भावना को सामने लाने वाली फिल्म है. हाल ही में एनडीटीवी को दिए इंटरव्यू में मिहिर आहूजा ने फिल्म, अपने किरदार और करियर के संघर्षों को लेकर खुलकर बात की.
परिवार से जुड़ाव की कहानी है ‘दीवाली दीवाली'
मिहिर आहूजा ने बताया कि ‘दीवाली दीवाली' एक ऐसी फैमिली फिल्म है, जिससे हर परिवार खुद को जोड़ सकता है. उनके मुताबिक फिल्म का मूल संदेश है कि इंसान चाहे दुनिया में कहीं भी पहुंच जाए, लेकिन परिवार का साथ सबसे अहम होता है.
उन्होंने कहा कि त्योहार तभी खास लगते हैं, जब अपने लोग आसपास हों. अगर परिवार साथ न हो तो जिंदगी में एक खालीपन महसूस होता है. फिल्म इसी भावना को दर्शाती है और यह सवाल भी उठाती है कि हम अपने सपनों के पीछे भागते हुए अपने माता-पिता की इच्छाओं और जरूरतों को कितना समझ पाते हैं.
अपने किरदार से खुद को जोड़ पाए मिहिर
फिल्म में मिहिर ‘अंश' नाम का किरदार निभा रहे हैं. अभिनेता का कहना है कि यह अब तक निभाए गए उनके सबसे करीब के किरदारों में से एक है.
उन्होंने बताया कि जिस तरह उनका किरदार अपने परिवार को बेहतर जिंदगी देना चाहता है, उसी तरह वह खुद भी अपने गृह नगर झांसी से मुंबई आए थे ताकि अपने परिवार के लिए कुछ बेहतर कर सकें. फिल्म में दिखाई गई पंजाबी फैमिली से भी वह खुद को जोड़ पाते हैं क्योंकि उनका परिवार भी पंजाबी है.
मिहिर ने कहा कि फिल्म की स्क्रिप्ट में परिवार की भाषा, माहौल और रिश्तों को बेहद वास्तविक तरीके से पेश किया गया है, जिसकी वजह से वह कहानी से गहराई से जुड़ सके.
सिर्फ त्योहार नहीं, एक खास संदेश भी
फिल्म के शीर्षक को लेकर मिहिर ने कहा कि भले ही कहानी की पृष्ठभूमि और रिलीज़ का समय दिवाली के आसपास है, लेकिन इसका संदेश त्योहार से कहीं बड़ा है.
उनका कहना है कि आज के दौर में लोग अपने सपनों और करियर में इतने व्यस्त हो जाते हैं कि माता-पिता की अपेक्षाएं और भावनाएं पीछे छूट जाती हैं. फिल्म दर्शकों को यही याद दिलाने का प्रयास करती है कि अपने परिवार से जुड़ा रहना इंसान को जमीन से जोड़े रखता है.
महज 8 दिनों में पूरी हुई शूटिंग
मिहिर ने खुलासा किया कि लगभग एक घंटे की इस फिल्म की शूटिंग केवल आठ दिनों में पूरी कर ली गई थी. हालांकि शूटिंग का शेड्यूल काफी व्यस्त था, लेकिन पूरी टीम के बीच ऐसा माहौल बन गया था जैसे सभी लंबे समय से एक-दूसरे को जानते हों.
उन्होंने बताया कि उनके साथ मनोज जोशी, नीलू कोहली और आभा जैसे कलाकारों ने काम किया. सेट पर सभी कलाकारों के बीच शानदार तालमेल था, जिसका असर पर्दे पर भी दिखाई देगा.
मिहिर ने खास तौर पर मनोज जोशी की तारीफ करते हुए उन्हें बेहतरीन अभिनेता और शानदार इंसान बताया.
संघर्ष भरे दिनों को किया याद
अपने करियर के शुरुआती दौर को याद करते हुए मिहिर ने बताया कि मुंबई आने के बाद लंबे समय तक उन्हें सफलता नहीं मिली. 2014 से लगातार ऑडिशन देने के बावजूद कई साल तक कोई बड़ा काम हाथ नहीं लगा.
उन्होंने कहा कि एक वक्त ऐसा भी आया जब उन्होंने तय कर लिया था कि अब अभिनय नहीं करेंगे. निराशा में उन्होंने उन कागजों तक को फेंक दिया था जिन पर कास्टिंग डायरेक्टर्स और प्रोडक्शन हाउस के पते लिखे थे.
लेकिन अगले ही दिन उन्हें एहसास हुआ कि अभिनय के बिना वह नहीं रह सकते. इसके बाद उन्होंने तय किया कि चाहे जितना समय लगे, वह अभिनेता बनने का सपना नहीं छोड़ेंगे.
‘द आर्चीज' और ‘फील्स लाइक इश्क' बने अहम पड़ाव
मिहिर ने अपने करियर के टर्निंग पॉइंट पर बात करते हुए कहा कि नेटफ्लिक्स की एंथोलॉजी ‘फील्स लाइक इश्क' में किया गया काम उनके लिए महत्वपूर्ण साबित हुआ. इसके बाद उन्हें लगातार अच्छे प्रोजेक्ट मिलने लगे.
उन्होंने ‘द आर्चीज' को भी अपने करियर का अहम पड़ाव बताया, जिसने उन्हें बड़ा मंच दिया. वहीं ‘ऑपरेशन सफेद सागर' को भी उन्होंने अपने करियर की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल किया.
एक्टर नहीं होते तो क्या बनते?
मिहिर ने बताया कि अगर वह अभिनेता नहीं होते तो संभवतः एमबीए कर रहे होते. उन्होंने बीकॉम की पढ़ाई की है और एक समय वह जीमैट और कैट जैसी प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी भी कर रहे थे. अभिनय सफल नहीं होता तो उनका दूसरा विकल्प प्रबंधन की पढ़ाई ही था.
रणबीर कपूर से मिलती है प्रेरणा
जब उनसे पूछा गया कि किस अभिनेता ने उन्हें सबसे ज्यादा प्रेरित किया, तो मिहिर ने रणबीर कपूर का नाम लिया. उन्होंने कहा कि रणबीर के अभिनय में दिखाई देने वाली सहजता और स्थिरता उन्हें काफी प्रभावित करती है.
साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि बचपन में वह गोविंदा और कादर खान की फिल्में देखकर बड़े हुए हैं और दर्शकों का मनोरंजन करने की उनकी शैली उन्हें हमेशा पसंद रही है.
‘तमाशा' है पसंदीदा फिल्म
अपनी पसंदीदा फिल्मों के बारे में पूछे जाने पर मिहिर ने रणबीर कपूर अभिनीत ‘तमाशा' का नाम लिया. उन्होंने कहा कि यह ऐसी फिल्म है जिसे वह बार-बार देखना पसंद करते हैं.
फिल्म ‘दीवाली दीवाली' के जरिए मिहिर आहूजा एक बार फिर दर्शकों के सामने एक भावनात्मक और पारिवारिक कहानी लेकर आ रहे हैं. अभिनेता को उम्मीद है कि फिल्म लोगों को अपने परिवार, रिश्तों और जड़ों से जुड़े रहने का संदेश देगी.
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